Kanwar Yatra 2026: कांवड़ मेले को लेकर 7 राज्यों का बड़ा एक्शन प्लान, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर नहीं चलेगी कांवड़ यात्रा
देहरादून: कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड समेत सात राज्यों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। हरिद्वार में आयोजित अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में सुरक्षा, यातायात, कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर साझा रणनीति बनाई गई। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उपयोग नहीं किया जाएगा।
सात राज्यों ने बनाई संयुक्त रणनीति
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में तय किया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान राज्यों के बीच रियल टाइम सूचना साझा की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
सीमाओं पर संयुक्त चेकपोस्ट और कड़ी निगरानी
बैठक में निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेकपोस्ट और बैरियर स्थापित किए जाएंगे। आधुनिक सर्विलांस सिस्टम के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही इंटरनेट मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं का तत्काल तथ्यात्मक खंडन करने के लिए सभी राज्यों के साइबर सेल आपसी समन्वय बनाए रखेंगे।
30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगी कांवड़ यात्रा
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बताया कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इसे देखते हुए सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, यातायात प्रबंधन और आपदा राहत से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे रहेगा कांवड़ यात्रा से अलग
बैठक में स्पष्ट किया गया कि कांवड़ यात्रा के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का इस्तेमाल नहीं होगा। इसके प्रभावी पालन के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को पहले से आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एक्सप्रेस-वे पर यातायात सुचारु बना रहे।
रेलवे और भीड़ प्रबंधन पर भी विशेष फोकस
रेलवे अधिकारियों को विशेष ट्रेनों के संचालन, प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक अवधि रहेगी, जबकि 5 अगस्त से श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है। वहीं, 8 अगस्त से शुरू होने वाला डाक कांवड़ चरण सबसे अधिक भीड़भाड़ और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।