राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर सीएम योगी का बड़ा कार्यक्रम, बुनकरों-कारीगरों को सम्मान के साथ सौंपेंगे चेक
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित वित्तीय वर्ष 2026-27 के संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। लोकभवन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों को सम्मानित करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना तथा झलकारी बाई हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के लाभार्थियों को चेक भी वितरित करेंगे।
बुनकरों और कारीगरों के सम्मान के साथ कई अहम आयोजन
कार्यक्रम के दौरान बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जहां क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। समारोह में संत कबीर टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की घोषणा भी की जाएगी। साथ ही हथकरघा उत्पादों के प्रमुख खरीदारों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रहेगा।
इन जनप्रतिनिधियों की भी रहेगी मौजूदगी
कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हस्तकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान, मेयर सुषमा खर्कवाल समेत स्थानीय विधायक भी शामिल होंगे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानून व्यवस्था और त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था, कांवड़ यात्रा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों, खाद की उपलब्धता और स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कांवड़ यात्रा को बताया सामाजिक समरसता का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज में जातीय विद्वेष फैलाने की साजिशें की जा रही हैं, ऐसे समय में लाखों श्रद्धालुओं की सहभागिता वाली कांवड़ यात्रा सामाजिक समरसता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कई सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाएं भी श्रद्धालुओं की सेवा में सक्रिय हैं, जो समाज की सकारात्मक भागीदारी को दर्शाता है।
बरेली में विशेष सतर्कता और राहत कार्यों पर जोर
मुख्यमंत्री ने बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने इस्लामिक समुदाय की ओर से उर्स के अवसर पर शाकाहारी भोजन वितरण की व्यवस्था का स्वागत किया। साथ ही कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य पूरी तत्परता के साथ जारी रहने चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शोहदों और टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक की जाए।
महिला अपराधों पर सख्त नाराजगी, अधिकारियों को चेतावनी
मुख्यमंत्री ने जौनपुर, प्रतापगढ़, गाजीपुर, बुलंदशहर, कानपुर और हरदोई में महिलाओं एवं बच्चियों के साथ हुई जघन्य अपराध की घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। महिला सुरक्षा सरकार की पहले दिन से सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और इस विषय पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।