प्रेरणा विमर्श-2026 में CM योगी का बड़ा फोकस: नारी सशक्तीकरण, युवा रोजगार और स्टार्टअप पर जोर, बोले- आत्मनिर्भरता से बनेगा विकसित भारत

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गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय ‘उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान एवं प्रेरणा विमर्श-2026’ का रविवार को समापन हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समापन समारोह में हिस्सा लिया और नारी सशक्तीकरण, युवाओं के रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप, आत्मनिर्भरता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम की इस वर्ष की केंद्रीय थीम ‘उत्कर्ष : नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ रही।

मुख्यमंत्री ने समारोह में ‘केशव संवाद’ और ‘प्रेरणा विचार’ पत्रिकाओं के 2026-27 के अंकों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की नारी और युवा शक्ति की बदलती तस्वीर को वीडियो के जरिए प्रस्तुत किया गया। आयोजन का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण, युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों के प्रयासों को रेखांकित करना रहा।

नारी सम्मान से लेकर महिला रोजगार तक, योगी ने गिनाईं योजनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संस्कृति में महिलाओं के सम्मान की परंपरा का उल्लेख करते हुए गार्गी, मैत्रेयी, माता अनुसूया, मीराबाई, अहिल्याबाई होलकर, रानी दुर्गावती और महारानी लक्ष्मीबाई जैसी महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और ऊदा देवी पासी के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियनों का गठन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए तथा भेदभाव खत्म करना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में उत्तर प्रदेश पुलिस की सब इंस्पेक्टर अस्मिता डे द्वारा भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने का भी उल्लेख किया।

महिला कल्याण योजनाओं और आवास का किया जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने केंद्र और प्रदेश सरकार की महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया। इनमें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश में 4 करोड़ लोगों को आवास उपलब्ध कराया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में 65 लाख लोगों को आवास मिल चुका है और 12 लाख लोगों को जल्द आवास देने की तैयारी है। उन्होंने घरौनी के जरिए 3 करोड़ परिवारों को मालिकाना अधिकार दिए जाने और इसमें महिलाओं को प्राथमिकता मिलने की बात भी कही।

उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 12 करोड़ एलपीजी कनेक्शन और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण का उल्लेख करते हुए इन्हें महिला गरिमा और स्वास्थ्य से जोड़ा।

54 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखियों का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 54 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखियां काम कर रही हैं, जिसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हुआ है।

उन्होंने झांसी में 2019 में पांच महिलाओं से शुरू हुए मिल्क प्रोड्यूसर समूह का उदाहरण देते हुए कहा कि आज इससे 62 हजार महिलाएं जुड़ी हैं और समूह का कारोबार 115 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उनके अनुसार प्रत्येक महिला को प्रतिमाह करीब 8 से 10 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है।

मुख्यमंत्री ने आगरा, काशी, गोरखपुर और लखनऊ में भी मिल्क प्रोड्यूसर के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयासों का उल्लेख किया।

यूपी में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ने का दावा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या करीब 10 हजार थी, जो अब बढ़कर 44 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि अगले तीन-चार महीनों में महिला पुलिस बल की संख्या 50 हजार से अधिक हो जाएगी।

उन्होंने आठ हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल इंटरप्रेन्योर सिटी योजना के जरिए 4 हजार महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण और अवसरों से जोड़ने की योजना का भी उल्लेख किया। साथ ही निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों समेत करीब 1 करोड़ 10 लाख परिवारों को 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन सुविधा मिलने की जानकारी दी।

युवाओं के रोजगार और स्टार्टअप पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा कार्यशक्ति है और उत्तर प्रदेश की करीब 56 प्रतिशत आबादी युवा है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और स्टार्टअप के अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में करीब सवा तीन करोड़ युवा काम कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ग्राउंड ब्रेकिंग कराई जा चुकी है। उनके मुताबिक इन उद्योगों में 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

120 से कम स्टार्टअप से 24 हजार से ज्यादा तक पहुंचने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में 120 से कम स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि इनमें करीब आधे स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं।

योगी ने शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को युवा विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए युवा शक्ति और नारी शक्ति को विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण बताया।

राम, कृष्ण और बुद्ध के आदर्शों से युवाओं को जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के विकास को भारतीय सांस्कृतिक विरासत और आदर्शों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने श्रीराम को मर्यादा, श्रीकृष्ण को धैर्य एवं सत्यता और भगवान बुद्ध के ‘अप्प दीपो भव’ संदेश को आत्मनिर्भरता की प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया।

उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, विनायक दामोदर सावरकर, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह सहित कई ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के लिए करना चाहिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था, निवेश, रोजगार, महिला सशक्तीकरण और आर्थिक विकास के साथ ‘विरासत से विकास’ की यात्रा को आगे बढ़ाने की बात कही।

स्वांत रंजन बोले- इतिहास और संस्कृति से जुड़कर ही आगे बढ़ेगा समाज

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने कहा कि समाज को अपने अतीत के गौरव, वर्तमान की चुनौतियों और भविष्य के सपनों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को समझने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि जिस तरह गहरी जड़ों वाला पेड़ आंधी-तूफान में मजबूती से खड़ा रहता है, उसी तरह अपनी संस्कृति और इतिहास से जुड़ा समाज भी कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकता है। उन्होंने भारतीय शिक्षा व्यवस्था और आर्थिक समृद्धि के ऐतिहासिक संदर्भों का भी उल्लेख किया।

प्रेरणा विमर्श में संवाद और सामाजिक विषयों पर चर्चा

संसद टीवी के संपादक श्याम किशोर ने कार्यक्रम में भारतीय परंपरा में संवाद के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से जारी प्रेरणा विमर्श की यात्रा में भारत की विरासत, स्वतंत्रता का अमृतकाल, भविष्य का भारत, स्व का आत्मबोध, पंच परिवर्तन और नवोथान जैसे विषयों पर चर्चा हो चुकी है।

इस वर्ष के कार्यक्रम में नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान, तकनीक, उद्यमिता, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को भी चर्चा के केंद्र में रखा गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े शिक्षाविद, पत्रकार, शोधकर्ता, उद्यमी और अन्य प्रबुद्धजन शामिल हुए।

 

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