वाराणसी में 30 लाख के इनामी नक्सली बृजेश गंझू का एनकाउंटर, यूपी एटीएस की कार्रवाई में TPC कमांडर ढेर

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वाराणसी: यूपी एटीएस ने वाराणसी में 30 लाख रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया है। बृजेश गंझू को झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) का कमांडर बताया जाता था। एटीएस ने मौके से दो पिस्टल, कई जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए हैं।

कौन था बृजेश गंझू?

46 वर्षीय बृजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र का रहने वाला था। उस पर ट्रांसपोर्टरों, कोयला खनन कंपनियों और ठेकेदारों से वसूली करने के आरोप थे। झारखंड सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। करीब आठ साल पहले एनआईए ने टेरर फंडिंग मामले में उसे वांटेड घोषित किया था। इस दौरान बृजेश के घर की कुर्की भी की गई थी। एनआईए की ओर से उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

रामनगर में तड़के हुई एटीएस से मुठभेड़

यूपी एटीएस और बृजेश गंझू तथा उसके साथी के बीच मुठभेड़ रविवार सुबह करीब 5 बजे रामनगर थाना क्षेत्र में हुई। एटीएस के डीएसपी विपिन राय के अनुसार, टीम को सूचना मिली थी कि बृजेश रामनगर होते हुए मुगलसराय की तरफ जा रहा है। इसके बाद एटीएस की टीम ने उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की।

रुकने का इशारा किया तो शुरू कर दी फायरिंग

बताया गया कि बृजेश गंझू बाइक से वहां पहुंचा तो एटीएस की टीम ने उसे रुकने का इशारा किया। आरोप है कि इसके बाद उसने दोनों हाथों में मौजूद पिस्टल से एटीएस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। डीएसपी विपिन राय के मुताबिक, फायरिंग के दौरान एक गोली उनकी और दूसरी हेड कॉन्स्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी।

जवाबी कार्रवाई में लगी गोली, अस्पताल में मौत

एटीएस की जवाबी कार्रवाई में बृजेश गंझू को गोली लगी और वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, मुठभेड़ के दौरान बृजेश का साथी मौके से फरार होने में सफल रहा। एटीएस ने घटनास्थल से दो पिस्टल, जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए हैं।

 

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