क्या CJP के आंदोलन ने बदली राजनीति की दिशा? युवाओं को साधने के लिए कांग्रेस ने बनाई नई रणनीति, राहुल गांधी भी मैदान में उतरे
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर छात्रों के नेतृत्व में हुए आंदोलनों ने राजनीतिक दलों को युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए रणनीति पर नए सिरे से विचार करने को मजबूर किया है। सीजेपी के नेतृत्व में युवाओं की बड़ी गोलबंदी और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के सामने भी युवाओं का समर्थन दोबारा हासिल करने की चुनौती खड़ी हुई। इसके बाद पार्टी ने छात्र और युवा मुद्दों को अपनी राजनीतिक रणनीति में प्रमुखता देने का फैसला किया है।
राहुल गांधी के धरने से दिखी नई रणनीति
कांग्रेस की बदली रणनीति की झलक हाल में जंतर-मंतर पर देखने को मिली। राहुल गांधी पेलेट गन से घायल हुए एक छात्र को लेकर दिल्ली के एक पुलिस थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर वहीं धरने पर बैठ गए। पार्टी के मुताबिक, छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को सीधे उठाने की यह पहल कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में तय की गई रणनीति का हिस्सा है।
युवाओं के लिए एजुकेशन-टू-एंप्लॉयमेंट रोडमैप
कांग्रेस ने युवाओं के लिए शिक्षा से रोजगार तक का रोडमैप तैयार करने का फैसला किया है। पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधारों को लेकर एक महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है। यह रिपोर्ट शिक्षा विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद तैयार की जाएगी।
800 शहरों तक पहुंचने की तैयारी
कांग्रेस राहुल गांधी के संवाद कार्यक्रमों के जरिए छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को ज्यादा व्यापक स्तर पर उठाने की तैयारी में है। कोटा, देहरादून और प्रयागराज में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अब पार्टी इस पहल को देश के करीब 800 शहरों तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
पेपर लीक और बेरोजगारी पर केंद्र को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि युवाओं का आक्रोश अचानक सामने नहीं आया, बल्कि लंबे समय से उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है।
कांग्रेस कार्य समिति ने भी प्रस्ताव पारित कर कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक गंभीर समस्या बनकर सामने आया है। बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं के रद्द होने से युवाओं को नुकसान उठाना पड़ा है। पार्टी ने छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की।
झारखंड में छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों के भूख हड़ताल पर बैठने के दौरान राहुल गांधी ने उनका समर्थन किया। उन्होंने राज्य में अपनी सहयोगी सरकार होने के बावजूद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्रों की समस्याओं का समाधान करने की अपील की। इसके बाद राज्य सरकार ने छात्रों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया।
राजस्थान में भी कांग्रेस ने छात्रों का साथ दिया
राजस्थान में सीजेपी की टीमों की ओर से सरकारी स्कूलों की स्थिति सामने लाए जाने और इसके बाद विरोध होने पर राज्य कांग्रेस ने छात्रों का समर्थन किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि जनता को सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति जानने का पूरा अधिकार है।