‘सरकार और नागरिकों के बीच शक नहीं, भरोसे का रिश्ता हो’, पीएम मोदी बोले- बदल रही है नीतियों के पीछे की सोच

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार और नागरिकों के बीच संबंध भरोसे पर आधारित होना चाहिए, शक पर नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नियमों और नीतियों में बदलाव कर रही है, ताकि देश में कारोबार और विकास के लिए परिस्थितियां आसान बनाई जा सकें। प्रधानमंत्री शुक्रवार को इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 को संबोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय बढ़ती अनिश्चितता और कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है। इसके बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया उसे उम्मीद की एक किरण के तौर पर देख रही है।

‘नियम ही नहीं, उनके पीछे की सोच भी बदल रही’

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार सिर्फ नियमों में बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमों के पीछे की सोच को भी बदलने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले व्यवस्था का तरीका ‘जब तक इजाजत न हो, तब तक मनाही’ वाला था, लेकिन अब इसे ‘जब तक मनाही न हो, तब तक इजाजत’ की सोच की ओर ले जाया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी काम पर कानूनन रोक नहीं है तो उसके लिए बार-बार सरकारी मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री के मुताबिक इस बदलाव का उद्देश्य शासन को आसान बनाना और नागरिकों तथा कारोबार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।

दुनिया भारत को उम्मीद की किरण के रूप में देख रही

प्रधानमंत्री ने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया ने हाल के वर्षों में कई कठिन परिस्थितियां देखी हैं। संसाधनों का इस्तेमाल दबाव बनाने के साधन के रूप में किए जाने और अविश्वास के माहौल ने नई चुनौतियां पैदा की हैं।

इन परिस्थितियों के बीच उन्होंने कहा कि दुनिया भारत को उम्मीद की किरण के तौर पर देख रही है। प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति और भविष्य की संभावनाओं को भी रेखांकित किया।

भारत की अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार का किया जिक्र

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 10 से 12 वर्षों के दौरान भारत ने करीब 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने में सफलता हासिल की है।

सुधारों के लिए तैयार किया गया स्पष्ट रोडमैप

प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले सुधारों की घोषणाएं तो की जाती थीं, लेकिन बाद में उन्हें भुला दिया जाता था। इसके विपरीत उनकी सरकार ने देश में सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था बनाने पर है जिसमें नागरिकों और सरकार के बीच अविश्वास की जगह भरोसा हो तथा विकास के लिए नियमों और नीतियों को सरल बनाया जा सके।

 

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