चीनी की जमाखोरी पर प्रशासन सख्त, डीलरों के स्टॉक की जांच; गौतमबुद्धनगर में 436.75 मीट्रिक टन चीनी उपलब्ध
गौतमबुद्धनगर: चीनी की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी और सोशल मीडिया पर चीनी की कमी से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रशासन ने जमाखोरी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। तहसीलवार गठित टीमों ने जिले के अलग-अलग चीनी डीलरों और व्यापारियों के स्टॉक का सत्यापन किया। 22 अगस्त को किए गए निरीक्षण में जांच किए गए डीलरों और व्यापारियों के पास कुल 436.75 मीट्रिक टन चीनी का स्टॉक मिला।
तहसीलवार टीमें लगातार कर रहीं स्टॉक की जांच
जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह के मुताबिक, चीनी की अवैध जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर रोक लगाने के लिए तहसीलवार टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें लगातार चीनी के डीलरों और व्यापारियों के यहां पहुंचकर उपलब्ध स्टॉक का सत्यापन कर रही हैं।
22 अगस्त को भी जिले के विभिन्न स्थानों पर डीलरों और व्यापारियों के स्टॉक की जांच की गई। इस दौरान सभी निरीक्षण किए गए प्रतिष्ठानों में उपलब्ध चीनी को मिलाकर 436.75 मीट्रिक टन स्टॉक पाया गया।
30 नवंबर तक लागू रहेगी चीनी पर स्टॉक सीमा
केंद्र सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की 28 जुलाई 2026 की अधिसूचना के अनुसार चीनी डीलरों के लिए 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक स्टॉक सीमा लागू रहेगी। इसके तहत कोई भी डीलर चीनी प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन से अधिक समय तक उसका भंडारण नहीं कर सकेगा।
इसके अलावा किसी भी समय और किसी भी स्थान पर किसी डीलर के पास 400 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं होना चाहिए। प्रशासन की टीमें स्टॉक सत्यापन के दौरान इन नियमों का भी ध्यान रख रही हैं।
ऑनलाइन पोर्टल पर देना होगा चीनी के स्टॉक का ब्योरा
चीनी के डीलरों और व्यापारियों को अपने स्टॉक का विवरण ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के पोर्टल पर चीनी के स्टॉक की जानकारी फीड की जा रही है। डीलरों को स्टॉक संबंधी जानकारी नियमित रूप से अद्यतन रखने के लिए भी कहा गया है।
चीनी की कमी की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
प्रशासन के मुताबिक जिले में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकता के अनुसार इसकी आपूर्ति भी की जा रही है। आम लोग अपनी जरूरत के अनुसार खुले बाजार से चीनी खरीद सकते हैं।
प्रशासन ने आमजन से सोशल मीडिया पर चीनी की कमी को लेकर प्रसारित की जा रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रामक सूचनाओं के कारण अनावश्यक रूप से खरीद बढ़ने और बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा होने की आशंका रहती है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति या व्यापारी चीनी की जमाखोरी या कालाबाजारी में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्टॉक की जांच और सत्यापन का अभियान आगे भी जारी रहेगा।