सशक्त बहना उत्सव में सीएम धामी का बड़ा बयान, बोले- ‘50 प्रतिशत आबादी की 100 प्रतिशत सुरक्षा है यूसीसी’
चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को चंपावत के सूखी ढांग स्थित धूरा चौड़ाकोट में आयोजित सशक्त बहना उत्सव में पहुंचे। उन्होंने महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और कहा कि चंपावत आकर उन्हें अपने परिवार के बीच होने जैसा महसूस होता है। उन्होंने कहा कि यहां से उन्हें नई ऊर्जा मिलती है, जो प्रदेश के लिए काम करने की ताकत देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य मातृशक्ति, बहनों और बेटियों की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाना है। उन्होंने समान नागरिक संहिता को महिलाओं की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि यह 50 प्रतिशत आबादी की 100 प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला कानून है। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले सरकार में रहते हुए उसने महिलाओं के हित में काम नहीं किया और अपनी तिजोरी भरने पर ध्यान दिया।
महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण का किया जिक्र
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उत्तराखंड ऐसा राज्य है जहां महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। सरकार का उद्देश्य उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन लाख नौ हजार बेटियां लखपति बन चुकी हैं और अब वे खुद के साथ दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार और आमदनी बढ़ने से महिलाओं का सम्मान भी बढ़ता है। आने वाले समय में यही महिलाएं लखपति से करोड़पति दीदी बनेंगी। सशक्त बहना उत्सव के तहत महिलाओं के बनाए उत्पादों की बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराया जाएगा। देहरादून में भी प्रदेश के सभी 13 जिलों के उत्पादों को एक ही स्थान पर बेचने की योजना तैयार की जा रही है।
बाजार नहीं मिला तो महिलाओं की मेहनत बेकार जाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ की महिलाओं में बहुत प्रतिभा है। उन्होंने बचपन से अपनी मां को जंगल से घास लाने, खेती करने और बच्चों की देखभाल सहित परिवार की तमाम जिम्मेदारियां निभाते देखा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं कई तरह के उत्पाद तैयार कर रही हैं और विदेशों में भी उनके उत्पादों की चर्चा होती है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं उत्पाद तैयार करें और उसमें पूंजी लगाएं, लेकिन बाजार उपलब्ध नहीं हो तो उनकी मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। इसी वजह से सरकार महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले मातृशक्ति मुख्य रूप से घर संभालती थी, लेकिन अब गांव, जिला, राज्य और देश के विकास में उनकी अहम भूमिका है।
70 हजार से ज्यादा महिला समूहों से जुड़े हैं पांच लाख परिवार
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में 70 हजार से अधिक महिला समूह काम कर रहे हैं, जिनसे पांच लाख से ज्यादा परिवार जुड़े हैं। प्रदेश में आठ हजार ग्राम संगठन भी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों में केवल उत्पाद बनाने का साधन नहीं, बल्कि उत्तराखंड को आगे ले जाने की ताकत है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से 95 विकासखंडों में चार हजार से अधिक स्टॉल लगाए जा चुके हैं। इनके माध्यम से 12 करोड़ 16 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हुई है। महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए रेलवे स्टेशनों, रोडवेज और पर्यटन स्थलों पर भी स्टॉल लगाए गए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर से लेकर अंतरिक्ष तक महिलाओं की भूमिका का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें दोनों प्रमुख नेतृत्वकारी भूमिकाओं में महिलाएं थीं। पत्रकारिता से लेकर उद्योग जगत तक महिलाओं ने अपनी पहचान बनाई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज घरों में शौचालय, आवास, इलाज और रोजगार सहित कई क्षेत्रों में काम हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने केवल खोखले वादे किए।
‘उत्तराखंड का दशक’ बनाने में महिलाओं की होगी बड़ी भूमिका
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि यह उत्तराखंड का दशक होगा। पहाड़ की महिलाएं सीमित संसाधनों में बेहतर काम कर रही हैं और प्रदेश को आगे ले जाने में उनकी बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि जब तक धूरा और उत्तराखंड की हर महिला सशक्त नहीं हो जाती, तब तक वह शांत नहीं बैठेंगे।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास अपना कोई एजेंडा नहीं है। उन्होंने महिलाओं से सुरक्षा और सम्मान के लिए आगे बढ़कर काम करने की अपील की। साथ ही चंपावत को आने वाले समय में आदर्श जिला बनाने का संकल्प दोहराया।