गौतमबुद्धनगर में 1 अक्टूबर से बिना वैध PUC प्रमाण-पत्र वाले वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, पंपों पर मोबाइल ऐप से होगी जांच
गौतमबुद्धनगर: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अब वाहनों के प्रदूषण प्रमाण-पत्र की जांच सख्ती से की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी निलेश उत्पल ने बताया कि 1 अक्टूबर 2026 से गौतमबुद्धनगर समेत दिल्ली-एनसीआर के पेट्रोल और डीजल पंपों पर बिना वैध पीयूसीसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र) वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।
वायु प्रदूषण कम करने के लिए लागू होगा निर्देश
जिला पूर्ति अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में बिना वैध पीयूसीसी के चलने वाले वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 की धारा 12 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
पेट्रोल पंपों पर मोबाइल ऐप से होगी वाहनों की जांच
विभागीय अभियान के तहत गौतमबुद्धनगर के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों पर आने वाले वाहनों की मोबाइल ऐप के माध्यम से जांच की जाएगी। इस दौरान वाहन के प्रदूषण प्रमाण-पत्र के वैध और अद्यतन होने की स्थिति की जानकारी परिवहन विभाग के साथ साझा की जाएगी।
पंप कर्मचारियों के मोबाइल में डाउनलोड कराया जा रहा ऐप
अभियान को लागू करने के लिए जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को अपने कर्मचारियों के मोबाइल फोन में संबंधित ऐप डाउनलोड कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही वाहनों की जांच की प्रक्रिया भी चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दी गई है।
1 अक्टूबर से बिना वैध PUC के नहीं मिलेगा ईंधन
जिला पूर्ति अधिकारी ने जिले के सभी वाहन स्वामियों और चालकों को सूचित किया है कि गौतमबुद्धनगर के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों पर मोबाइल ऐप के जरिए वाहनों की जांच होगी। जिन वाहनों के पास वैध पीयूसीसी प्रमाण-पत्र नहीं होगा, उन्हें 1 अक्टूबर 2026 से पेट्रोल या डीजल की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
वाहन मालिक समय रहते अपडेट करा लें प्रदूषण प्रमाण-पत्र
वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों के प्रदूषण प्रमाण-पत्र को समय रहते अपडेट करा लें। ऐसा करने से 1 अक्टूबर के बाद पेट्रोल या डीजल लेने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।