मुफ्त राशन के लिए नया मोबाइल खरीदने की जरूरत नहीं, यूपी सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का किया खंडन

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन लेने के लिए नया मोबाइल खरीदना और ओटीपी सत्यापन कराना अनिवार्य होने की खबरों को खाद्य एवं रसद विभाग ने भ्रामक बताया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशन वितरण की मौजूदा व्यवस्था में ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है और लाभार्थियों को नया मोबाइल खरीदने की जरूरत नहीं है। विभाग के अपर आयुक्त सत्यदेव ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।

बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैन से पहले की तरह मिलेगा राशन

खाद्य एवं रसद विभाग के मुताबिक, प्रदेश की उचित दर दुकानों पर ई-पॉस मशीनों के माध्यम से राशन वितरण की व्यवस्था पहले की तरह लागू है। इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से खाद्यान्न का वजन करने के बाद लाभार्थियों को राशन दिया जा रहा है। विभाग ने साफ किया है कि वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्धारित सत्यापन व्यवस्था ही अपनाई जा रही है।

यदि किसी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट पहली बार में मशीन से मेल नहीं खाता है, तो उसे उसी दिन दो अतिरिक्त अवसर दिए जाते हैं। इसके बाद भी बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होने पर आइरिस स्कैन यानी आंखों की पुतली के जरिए पहचान सत्यापित करने का विकल्प उपलब्ध है। इसके अलावा, राशन कार्ड में दर्ज परिवार का कोई अन्य सदस्य भी आवश्यक सत्यापन कराकर खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए ओटीपी की सुविधा वैकल्पिक

विभाग ने बताया कि ओटीपी के जरिए राशन वितरण की सुविधा कोई नई व्यवस्था नहीं है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वर्ष 2017 से ही यह विकल्प उपलब्ध है। इसका इस्तेमाल विशेष परिस्थितियों में किया जाता है, जब अत्यधिक बुजुर्ग, दिव्यांग या गंभीर रूप से बीमार राशन कार्ड धारक का बायोमेट्रिक या आइरिस स्कैन के जरिए सत्यापन संभव नहीं हो पाता।

ऐसे मामलों में ओटीपी आधारित वितरण एक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में काम करता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा का मतलब यह नहीं है कि प्रत्येक राशन कार्ड धारक को नया मोबाइल खरीदना होगा या सभी के लिए ओटीपी सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।

3.41 करोड़ से अधिक राशन कार्डों में सिर्फ 83,093 पर ओटीपी से वितरण

विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 3.41 करोड़ से अधिक राशन कार्ड हैं। इनमें से केवल 83,093 राशन कार्डों पर ओटीपी आधारित वितरण किया गया है। विभाग ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण कुल लेनदेन का बेहद छोटा हिस्सा है।

ऐसे में मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए नया मोबाइल खरीदना अनिवार्य होने का दावा तथ्यहीन और भ्रामक है। विभाग ने लाभार्थियों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों से बचें और राशन वितरण से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

 

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