औद्योगिक हादसों से निपटने की तैयारी तेज, ADM ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश; मॉक ड्रिल से परखी जाएगी व्यवस्था
गौतमबुद्धनगर: जिले में औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने और समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने तैयारियों की समीक्षा की। 14 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें आपदा प्रबंधन की तैयारियों, विभागों के बीच समन्वय और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था पर चर्चा की गई।
आपात स्थिति से निपटने की कार्ययोजना पर चर्चा
बैठक में एनडीआरएफ के संबंधित अधिकारी ने औद्योगिक आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों और आपदा प्रबंधन की कार्ययोजना की जानकारी दी। इस दौरान मॉक ड्रिल के महत्व, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों और आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के बारे में अवगत कराया गया।
सभी विभाग आपसी समन्वय से करें काम
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रत्येक विभाग अपनी कार्ययोजना तैयार रखे और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करे।
उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित आपात स्थितियों को लेकर सतर्कता बनाए रखने और तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही, मॉक ड्रिल के माध्यम से तैयारियों का नियमित परीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि आवश्यकता के अनुसार मेडिकल टीमों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही एम्बुलेंस, दवाओं और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया, जिससे किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी रजनीकांत मित्तल, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. वंदना रानी, जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।