दीपावली से पहले मिठाई की दुकानों पर छापेमारी, 850 किलो रसगुल्ला-बूंदी नष्ट, एक इकाई का कारोबार बंद

0 31

गौतमबुद्धनगर: दीपावली के त्योहार से पहले मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने मिठाई निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर सात खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इस दौरान मक्खी-मच्छर और गंदगी पाए जाने के कारण करीब 400 किलो रसगुल्ले और 450 किलो बूंदी को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए नष्ट कराया गया। एक मिठाई निर्माण इकाई का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई भी शुरू की गई है।

तीन मिठाई निर्माण इकाइयों में हुई जांच और कार्रवाई

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता और रितु सक्सैना की टीम ने नोएडा के गढ़ी चौखंडी सेक्टर-121 स्थित गणेश स्वीट की निर्माणशाला से बूंदी के लड्डू का एक नमूना लिया।

वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने बिलासपुर, दनकौर, ग्रेटर नोएडा स्थित सुंदर सिंह की मिठाई निर्माणशाला से छेना और रसगुल्ले के एक-एक नमूने एकत्र किए। जांच के दौरान वहां रखे करीब 100 किलो रसगुल्लों में मक्खी और मच्छर पाए गए। मिठाई प्रदूषित अवस्था में मिलने और प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के योग्य नहीं होने के कारण उसे नष्ट करा दिया गया।

इसी टीम ने नोएडा के सेक्टर-58 स्थित बिशनपुर में संचालित सोनू मिठाई निर्माणशाला से बूंदी के लड्डू का एक नमूना भी लिया।

450 किलो बूंदी सीज, 300 किलो रसगुल्ले कराए नष्ट

खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने नोएडा के सेक्टर-62 स्थित रसूलपुर नवादा में सम्यक मिठाई वाले की निर्माणशाला पर कार्रवाई की। यहां से रसगुल्ले, बूंदी के लड्डू और बूंदी के एक-एक नमूने जांच के लिए लिए गए।

कार्रवाई के दौरान करीब 450 किलो बूंदी को सीज कर दिया गया, जबकि लगभग 300 किलो रसगुल्ले और मिठाई को दूषित अवस्था में पाए जाने के कारण नष्ट कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक, मिठाइयों में मक्खी-मच्छर पाए गए थे और उनकी स्थिति प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त थी।

गंदगी में मिठाई बनाने पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई

सम्यक मिठाई वाले की निर्माण इकाई में बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। इस पर विभाग ने सुधार होने तक लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही निर्माण इकाई में कारोबार के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय ने बताया कि अभियान के तहत अब तक कुल सात खाद्य नमूने जांच के लिए संग्रहित किए जा चुके हैं। छापेमारी और जांच की कार्रवाई देर रात तक जारी रहेगी।

मिठाई कारोबारियों को दिए गए सख्त निर्देश

विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए हैं कि वे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त या पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदें। खरीदारी के समय बिल लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। इसके अलावा खाद्य सामग्री की निर्माण तिथि और बैच नंबर की जांच करने के बाद ही उसका भंडारण और बिक्री करें।

सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में आगे भी इसी तरह जांच अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य जनपद के लोगों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शुद्ध और सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराना है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.