दीपावली से पहले मिठाई की दुकानों पर छापेमारी, 135 किलो रसगुल्ला-खोया नष्ट; निर्माण इकाई का कारोबार बंद
जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग की टीमें खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं। अभियान का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराना है।
जेवर टोल पर पकड़ी गई पनीर से भरी गाड़ी
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और रविंद्र नाथ वर्मा की टीम ने जेवर टोल पर वाहन संख्या UP 81 BT 7774 को पकड़ा। इस वाहन से हरेंद्र डेयरी, गढ़ी अरनिया जटवार, अलीगढ़ का पनीर दिल्ली ले जाया जा रहा था। टीम ने पनीर के दो नमूने लेकर जांच के लिए भेजे।
ग्रेटर नोएडा और नोएडा की मिठाई दुकानों से भी नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने ग्रेटर नोएडा की परशुराम विहार कॉलोनी स्थित एमके स्वीट का निरीक्षण किया। यहां से बूंदी के लड्डू का एक नमूना संग्रहित किया गया।
वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता और रितु सक्सेना की टीम ने नोएडा के सेक्टर-52 स्थित गिझोड़ में बीकानेर स्वीट्स की निर्माणशाला की जांच की। यहां से छेना रसगुल्ला और खोया के एक-एक नमूने लिए गए।
135 किलो रसगुल्ला और खोया कराया गया नष्ट
बीकानेर स्वीट्स की निर्माणशाला में शेष करीब 135 किलोग्राम रसगुल्ला और खोया प्रदूषित अवस्था में पाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, ये खाद्य पदार्थ प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त प्रतीत हुए। इसके बाद इन्हें नष्ट करा दिया गया।
निर्माण इकाई में बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने की बात भी सामने आई। इस पर सुधार होने तक प्रतिष्ठान का रजिस्ट्रेशन निलंबित करने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही तब तक कारोबार के संचालन पर रोक लगा दी गई है।
खाद्य कारोबारियों को खरीद बिल और बैच नंबर जांचने की हिदायत
विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए हैं कि वे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त या पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदें। हर खरीद का बिल लेना अनिवार्य बताया गया है। कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की निर्माण तिथि और बैच नंबर की जांच करने के बाद ही सामग्री प्राप्त करने और उपभोक्ताओं को बेचने की हिदायत दी गई है।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में आगे भी जांच अभियान जारी रहेगा। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी, ताकि जिले के लोगों को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।