गौतमबुद्धनगर: धनतेरस, छोटी दीपावली, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ पूजा को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 4 नवंबर 2026 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें अग्नि सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, यातायात और बिजली आपूर्ति सहित त्योहारों से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और बाजारों, धार्मिक स्थलों तथा सार्वजनिक आयोजनों में आम लोगों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बाजारों और धार्मिक स्थलों पर पुलिस की रहेगी तैनाती
पुलिस विभाग को प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए। भीड़ प्रबंधन के साथ यातायात नियंत्रण और पार्किंग की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।
पटाखों की दुकानों पर अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अग्निशमन विभाग को प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और पटाखों की बिक्री के निर्धारित स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है। अग्निशमन वाहन और उपकरण पूरी तरह क्रियाशील रखने के साथ आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए टीमें तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पटाखों की बिक्री निर्धारित नियमों और सुरक्षित स्थानों पर ही होगी। केवल मानकों के अनुरूप अनुमन्य ग्रीन पटाखों की बिक्री सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी रखने के साथ लोगों को आग से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
अस्पतालों में बर्न यूनिट और बर्न वार्ड तैयार रखने के निर्देश
दीपावली के दौरान आग से झुलसने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा जरूरी दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया है।
बर्न यूनिट और बर्न वार्ड में आवश्यक चिकित्सा उपकरण, दवाइयां और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सक्रिय रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी घटना में प्रभावित लोगों को तुरंत इलाज मिल सके।
मिठाई और खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जांच अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग को मिठाई, खोया, पनीर, दूध, घी, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बाजारों और मिठाई की दुकानों का निरीक्षण कर संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेने तथा मिलावट मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
बाट-माप विभाग को भी दुकानों पर सही तौल और निर्धारित माप सुनिश्चित कराने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रहें।
बिजली, सफाई और पेयजल व्यवस्था पर भी जोर
विद्युत विभाग को त्योहारों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और प्रमुख बाजारों तथा सार्वजनिक स्थलों पर विद्युत सुरक्षा के इंतजाम करने को कहा गया। बिजली आपूर्ति में व्यवधान आने पर तत्काल समाधान के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए।
नगर पालिका और नगर पंचायतों को बाजारों, सड़कों, गलियों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने को कहा गया। नियमित कूड़ा उठान, नालियों की सफाई, चूना और एंटी लार्वा का छिड़काव तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पेयजल और सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था सक्रिय रखने को भी कहा गया।
छठ घाटों पर सफाई, रोशनी और बैरिकेडिंग की तैयारी
छठ पूजा को देखते हुए घाटों और तालाबों की साफ-सफाई समय से पूरी कराने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग तथा अन्य जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है।
विकास प्राधिकरणों को अपने क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। जहां सुधार की जरूरत हो, वहां समय से कार्रवाई करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर अतिक्रमण की समस्या दूर करने को कहा गया, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे।
त्योहारों पर बसों की संख्या और फेरे बढ़ाने के निर्देश
परिवहन विभाग को यात्रियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत रखने को कहा गया। बसों में निर्धारित दरों के अनुसार किराया वसूलने और यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में बसें चलाने के निर्देश दिए गए। प्रमुख मार्गों और व्यस्त रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाने को भी कहा गया है।
अधिकारियों को समय सीमा में तैयारियां पूरी करने का आदेश
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपनी कार्ययोजना के अनुसार निर्धारित समय सीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। अधीनस्थ कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय करने, व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखने को कहा गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, डीसीपी ट्रैफिक मनीषा सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार पाण्डेय, सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार मिश्र और एसीपी अर्चना सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।