रूसी MLRS से बचना है मुश्किल और Buk-M3 मिसाइल सिस्टम यूक्रेन पर बरपा रहे कहर

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नई दिल्ली: रूस के वेस्टर्न मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट की आर्टिलरी इकाइयां यूक्रेनी सेना की आर्टिलरी यानि तोपों की बैटरियों को लगातार निशाना बना रही हैं. विशेष सैन्य अभियान के दौरान ये दुश्मन को चकमा देते हुए उनकी रक्षात्मक संरचनाओं के साथ ही कमांड पोस्टों को तबाह कर रही हैं. दुश्मन की मारक क्षमता, हथियारों और सैन्य उपकरणों को नष्ट कर रही हैं.MLRS यानि मल्टी लॉन्च रॉकेट सिस्टम आर्टिलरी का इस्तेमाल दुश्मन को पीछे खदेड़ने या आक्रामक रास्तों पर बैराज फायर करने के लिए भी किया जा रहा है.

जंग के दौरान दुश्मन की पोज़िशन और उसके ठिकाने को जानकर सटीक निशाना लगाना काफी अहम होता है. इसके लिए यूएवी यानि अनआर्म्ड एरियल व्हीकल टीम तोपखानों की मदद कर करती है. ड्रोन से ली गई तस्वीरों और वीडियो के ज़रिए जो जानकारी मिलती है उस डेटा को फील्ड मुख्यालय और MLRS कमांडरों तक फ़ौरन पहुंचाया जाता है.

वेस्टर्न मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के Buk-M3 एसएएम सिस्टम हर मौसम में अपने मिशन को जारी रखे हुए हैं. रूस के विशेष सैन्य अभियान के दौरान, बुक मिसाइल डिफेंस सिस्टम हवाई हमलों के खिलाफ रूसी सशस्त्र बलों की इकाइयों की रक्षा में तैनात किया गया है. रूसी सेना का दावा है कि यूक्रेन के मुक्त प्रदेशों के नागरिकों की रक्षा के लिए भी इस रूसी सिस्टम से मदद मिल रही है. इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम के चालक दल की टीम, हर मौसम में चौबीसों घंटे यहां ड्यूटी पर तैनात रहती है.

हर एक मिनट टारगेट का पता लगाने वाले स्टेशनों के ज़रिए आसपास के हवाई इलाकों को स्कैन किया जाता है. इनकी मुस्तैदी कुछ ऐसी है कि किसी भी दुश्मन के लिए इनके सर्विलांस सिस्टम से बचना तकरीबन नामुमकिन है. Buk-M3 सिस्टम अपनी श्रेणी के SAMs यानि ज़मीन से हवा में वार करने वाले मिसाइल सिस्टम्स के बीच अपनी तकनीकी विशेषताओं के मामले में दुनिया में अद्वितीय है. एयर डिफेंस सिस्टम में 360 डिग्री के इलाके में टारगेट करने की क्षमता होती होती है और Buk-M3 एक साथ 300 हवाई लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है.

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