Biggest Scams Of India : विजय माल्या- रु. 9000 करोड़ घोटाला

एक समय था जब लोग उन्हें ‘किंग ऑफ गुड टाइम्स’ कहते के नाम से बुलाते थे ,मैं बात कर रही हुं शराब के नामी कारोबारी विजय माल्या की. देश में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगने के बाद 2016 में, माल्या देश से फरार हो गया और ब्रिटेन में जाके दुपक चुके है ।
विजय माल्या पर कथित तौर पर विभिन्न बैंकों का 9000 करोड़ रुपये से अधिक उधार ले चुके है । जिसे उसने अपनी अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस को बचाने के लिए लोन लिया था । माल्या को जनवरी 2019 में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी साबित किया था ।
2. कोलगेट 1.86 लाख करोड़ घोटाला

कोयला आवंटन घोटाला या ‘कोलगेट घोटाला’ एक पॉलिटिकल स्कैंडल माना जाता है । जो 2012 में सामने आया था जब यूपीए सरकार सत्ता में बैठी हुई थी । इस घोटाले को CAG द्वारा नोटिस में लाया था जब उन्होंने सरकार पर 2004 और 2009 के बीच अवैध रूप से 194 कोयला ब्लॉक आवंटित करने का आरोप लगा था । यह उन घोटालों में से एक था जिसने पूरे देश में तहलका मचा दिया था । क्योंकि इसमें कई ब्यूरोक्रेट्स और राजनेता शामिल थे. हालांकि सीएजी ने शुरू में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान हुआ था । लेकिन अंतिम रिपोर्ट में घोटाले की राशि 1.86 लाख करोड़ रुपये सामने आई थी ।
3.2 जी स्पेक्ट्रम रु. 1,76,000 करोड़ घोटाला

2008 में, सरकार उस समय जांच के दायरे में आई जब यह आ
रोप लगाया गया कि उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम सदस्यता बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले के लिए मोबाइल टेलीफोन कंपनियों से कम पैसो में बेंच दिया था । इस कंट्रोवर्सी में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा भी थे
सीएजी ने कहा था कि एकत्र किए गए रुपयों और एकत्र किए जाने वाले रुपयों के बीच 1.76 ट्रिलियन का फर्क था. 2012 में, सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पेक्ट्रम को घोषित किया गया था । और इसके कारण 120 से अधिक लाइसेंस रद्द हुए थे ।
4. कॉमनवेल्थ गेम्स 70,000 करोड़ का घोटाला

2010 में, भारत में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों ने खेलों की तुलना में विवादों और भ्रष्टाचार के लिए अधिक सुर्खियो में बना रहा । पूरा इवेंट आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों से घिरा हुआ था । कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी पर भ्रष्टाचार और कदाचार का इलजयह भी बताया गया कि अधिकारियों द्वारा आवंटित आवास के बजाय भारतीय एथलीटों को टैरिबल कंडीशन में रहने के लिए मजबूर किया था ।
5. बोफोर्स 64 करोड़ का घोटाला

यह एक बड़ा वेपेन्स कॉन्ट्रैक्ट स्कैंडल है जो 1980 और 90 के दशक के दौरान भारत और स्वीडन के बीच हुआ था. 1986 में, भारत ने कथित तौर पर स्वीडिश आर्म मैन्यूफैक्चरर बोफोर्स एबी के साथ भारतीय सेना को अपने 155 मिमी फील्ड हॉवित्जर की आपूर्ति के लिए 1437 करोड़ रुपये (लगभग) के सौदे किया गया था पर तब के तत्कालीन प्रधान मंत्री राजीव गांधी सहित कई राजनेताओं पर सौदे के लिए 64 करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वत लेने का आरोप लगा । आज के समय में बोफोर्स घोटाला करीब 400 करोड़ रुपये हो गया है ।
6.अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर रु. 3600 करोड़ घोटाला

भारत में बदनाम रक्षा घोटालों में से एक, यह मामला यूपीए सरकार और अगस्ता वेस्टलैंड के बीच 12 हेलीकॉप्टरों के अधिग्रहण के लिए हस्ताक्षर किए गए 2010 के सौदे में से एक है । जिनका उपयोग भारत के राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री द्वारा होता है । यह सौदा 3600 करोड़ रुपये का था और यह आरोप लगाया गया था कि अगस्ता वेस्टलैंड की मदद करने के लिए कई बिचौलियों में कुछ राजनेता और रक्षा अधिकारियों को रिश्वत दि गई थी ।
7. नीरव मोदी पीएनबी बैंक धोखाधड़ी 11,400 करोड़ का घोटाला

सबसे विवादास्पद घोटालों में से एक, यह धोखाधड़ी कथित तौर पर पंजाब नेशनल बैंक के ब्रैडी हाउस ब्रांड के माध्यम से की गई थी । इस धोखाधड़ी में नीरव मोदी ही नहीं उसके चाचा मेहुल चौकसी और पीएनबी के दो वरिष्ठ अधिकारी के नाम जुड़े थे ।
2018 में पीएनबी ने नीरव मोदी और कंपनियों पर आरोप लगाते हुए सीबीआई में मामला दायर किया था । वह पीएनबी से ऋण के बदले मार्जिन राशि का भुगतान किए बिना LOU प्राप्त करने से जुड़ा था. इसका मतलब यह हुआ कि अगर वो कंपनियां कर्ज नहीं चुका पातीं तो पीएनबी को रकम चुकानी पड़ेगी ।
8. हवाला $18 मिलियन घोटाला

1990 के दशक में हवाला कांड लोगों की सामने आया जिसने लालकृष्ण आडवाणी, अर्जुन सिंह, यशवंत सिन्हा और मदन लाल खुराना जैसे राजनेताओं और रिश्वतखोरी के नाम भी शामिल थे । जाने वाले अन्य लोगों पर भी ध्यान आकर्षित किया गया था . यह घोटाला हवाला भाइयों के इर्द-गिर्द जाता है । जिन्हें जैन बंधुओं के नाम से भी पुकारा जाता है । जो आतंकवादियों पर रेड से जुड़े थे. यह पाया गया कि कथित ब्लैक मनी का भुगतान इन राजनेताओं ने भाइयों के द्वारा किया गया था ।
9. हर्षद मेहता 10,000 करोड़ का घोटाला

सरकारी मानदंडों में खामियों का पता लगाने के बाद, वह बैंक रसीदों और स्टांप पेपर घोटाले और रेडी फॉरवर्ड डील घोटाले जैसे कई घोटालों में शामिल था । हर्षद मेहता विभिन्न बैंकों से भारी मात्रा में ऋण लेने और उन्हें शेयर बाजार में रखने में कामयाब रहे फिर, fictitious practice के जरिए, वह जिस स्पेशिफिक कंपनी में निवेश कर रहा था उसका स्टॉक मूल्य उपर कर देता है । यह प्रोसेस तब तक अच्छी तरह से चलता रहा जब तक कि स्टॉक क्रैश नहीं हो गया और नुकसान बहुत बड़ा था – 10,000 करोड़ रुपये, जो कुल हेल्थ बजट और शिक्षा बजट से भी बड़ । मेहता को 1992 में गिरफ्तार किया गया था और धोखाधड़ी के आरोप में पांच साल तक जेल में रहे थे । यह भारत के इतिहास में और सबसे बड़े घोटालों में से एक है.
10. सत्यम रु. 14,000 करोड़ घोटाला

सत्यम घोटाला भारतीय कॉरपोरेट उद्योग में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला माना गया है । जिसकी कुल राशि 14,000 करोड़ है. इस घोटाले ने इंडियन इन्वेस्टर्स की शांति खतम कर दी गई थी । सत्यम के फाउंडर और चेयरमैन द्वारा वर्षों से बहीखातों में हेराफेरी हुई थी । प्रॉफिट फीगर्स और रेवेन्यू को गलत तरीके से बढ़ाया गया. हालांकि टेक महिंद्रा ने कंपनी का अधिग्रहण कर लिया है.
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रिर्पोट – शिवी अग्रवाल