असम विमान हादसे ने देश को रुलाया: 5 वायुसेना वीरों की शहादत, अधूरे रह गए सपने, परिवारों में पसरा मातम

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नई दिल्ली: असम के जोरहाट एयरबेस पर हुए दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। इस दुर्घटना में भारतीय वायुसेना के पांच जवानों ने अपनी जान गंवा दी। शहीदों में अधिकारी स्तर से लेकर अग्निवीर तक शामिल हैं। हादसे की खबर जैसे ही उनके घरों तक पहुंची, कई परिवारों की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। अलग-अलग राज्यों में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

इकलौते सहारे को खोकर टूट गया परिवार

हादसे में शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह अपने परिवार के लिए सबसे बड़ा सहारा थे। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े उनके परिवार को इस हादसे ने गहरा आघात पहुंचाया है। वायुसेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे प्रशांत सिंह की शादी को अभी ज्यादा समय नहीं हुआ था। ऐसे में उनकी असमय शहादत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

मां से हुई आखिरी बातचीत बनी दर्दभरी याद

बिहार के जहानाबाद निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार भी इस हादसे में शहीद हो गए। वर्ष 2021 में वायुसेना में शामिल हुए शुभम को उनके क्षेत्र में एक प्रतिभाशाली और मेहनती युवा अधिकारी के रूप में जाना जाता था। बताया जा रहा है कि दुर्घटना से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने अपनी मां से फोन पर बात की थी और जल्द फिर संपर्क करने का भरोसा दिया था। अब वही बातचीत परिवार के लिए आखिरी याद बनकर रह गई है।

अग्निवीर दानिश की शहादत से बिखर गए माता-पिता के सपने

बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले अग्निवीर दानिश आलम अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। हाल ही में वायुसेना में शामिल हुए दानिश अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे और परिवार को उन पर गर्व था। लेकिन हादसे ने माता-पिता के सभी सपनों को झकझोर कर रख दिया। गांव में जैसे ही शहादत की खबर पहुंची, पूरा इलाका गमगीन हो गया।

राजस्थान के गांव में थम गई जिंदगी की रफ्तार

राजस्थान के खेमाराम कुमावत की शहादत की खबर उनके गांव पहुंचते ही माहौल शोक में बदल गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक परिवार और गांव के लोगों पर इस खबर का इतना गहरा असर पड़ा कि कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। खेमाराम को एक अनुशासित, समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ जवान के रूप में याद किया जा रहा है।

शादी की तैयारियों के बीच आया दुखों का पहाड़

उत्तर प्रदेश के टप्पल क्षेत्र के रहने वाले जितेंद्र शर्मा की शहादत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। परिवार में उनकी शादी की तैयारियां चल रही थीं और घर में खुशियों का माहौल था। लेकिन विमान हादसे की खबर ने सभी सपनों को अधूरा छोड़ दिया। लंबे समय से वायुसेना में सेवा दे रहे जितेंद्र क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा माने जाते थे।

वायुसेना हादसों को लेकर फिर उठे सवाल

यह दुर्घटना इस वर्ष सामने आई वायुसेना की गंभीर घटनाओं में एक और बड़ी दुर्घटना के रूप में देखी जा रही है। लगातार हो रहे हादसों के बीच सुरक्षा मानकों, तकनीकी निगरानी और संचालन प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि विमानों के रखरखाव और उड़ान सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता है।

जांच जारी, पूरे देश ने दी श्रद्धांजलि

फिलहाल भारतीय वायुसेना और संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। शुरुआती स्तर पर तकनीकी खामी और परिचालन संबंधी पहलुओं की जांच की जा रही है। देशभर में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है और उनके परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। पांचों वीरों की शहादत ने एक बार फिर देश को अपने सशस्त्र बलों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिला दी है।

 

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