‘मिशन सेव फ्यूचर’ के तहत परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन, स्कूल वाहनों की सघन जांच—नियम तोड़ने पर चालान और सीज की कार्रवाई तेज
गौतमबुद्धनगर: गौतमबुद्धनगर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने ‘मिशन सेव फ्यूचर’ के तहत 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक विशेष सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत जिले भर में स्कूल बसों और वैनों की व्यापक जांच की जा रही है।
अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय कर रहे हैं। उनके निर्देशन में टीमों ने प्रमुख मार्गों और स्कूलों के आसपास वाहनों की जांच कर सुरक्षा मानकों की गहन पड़ताल की।
दर्जनों वाहनों की कागज़ी और सुरक्षा जांच
अभियान के दौरान दर्जनों स्कूल बसों और वैनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। इसके साथ ही वाहनों में स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट-एड बॉक्स जैसी अनिवार्य सुरक्षा सुविधाओं की उपलब्धता भी परखी गई।

वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस का सत्यापन भी किया गया और उनकी वाहन संचालन क्षमता तथा सतर्कता की जांच की गई।
नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
जांच के दौरान जिन वाहनों में फिटनेस, परमिट या अन्य आवश्यक मानकों में कमी पाई गई, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई की गई। साथ ही कई वाहनों को मौके पर ही सीज भी कर दिया गया।
बच्चों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं: एआरटीओ
एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिशन सेव फ्यूचर’ का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सभी स्कूल वाहनों को पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप संचालित कराना है।
उन्होंने स्कूल प्रबंधन और वाहन स्वामियों से अपील की कि वे परिवहन नियमों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अभिभावकों से भी अपील
परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले वाहन की वैधता, फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि बच्चों की सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित की जा सके।