शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी पर बड़ा ऐलान, सरकार बोली- पहुंचते ही होगी गिरफ्तारी, सरेंडर का भी नहीं मिलेगा मौका
ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी को लेकर सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार का कहना है कि यदि शेख हसीना बांग्लादेश लौटती हैं तो उन्हें किसी तरह का आत्मसमर्पण करने का अवसर नहीं दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, देश पहुंचते ही उन्हें अदालत के आदेश के तहत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अगस्त 2024 में हुए हिंसक आंदोलन के बाद शेख हसीना ने बांग्लादेश छोड़ दिया था और तब से भारत में रह रही हैं।
बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि शेख हसीना के लिए सरेंडर की कोई व्यवस्था नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी वापसी के साथ ही गिरफ्तारी की जाएगी और अदालत के निर्देशों के अनुरूप आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बताया जा रहा है कि शेख हसीना की वापसी के दौरान उनकी पार्टी आवामी लीग के कई नेता भी उनके साथ रह सकते हैं।
सरकार ने कानून के तहत कार्रवाई की बात दोहराई
इससे पहले विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम भी कह चुकी हैं कि यदि शेख हसीना देश लौटती हैं तो उनके खिलाफ मौजूदा कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि उन्हें जेल भेजा जाएगा और पूरा मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा।
शेख हसीना ने खुद जताई थी गिरफ्तारी की आशंका
रॉयटर्स को दिए एक साक्षात्कार में शेख हसीना ने कहा था कि वह आवामी लीग के नेताओं के साथ बांग्लादेश लौटकर अदालत के समक्ष पेश होना चाहती हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें आशंका है कि वापसी पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या उनकी जान को भी खतरा हो सकता है। इसके बावजूद उन्होंने अपने देश लौटने की इच्छा जताई थी और कहा था कि यदि मृत्यु भी हो तो वह अपनी मातृभूमि पर ही हो।
5 अगस्त 2024 को छात्र नेतृत्व वाले हिंसक आंदोलन के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। सरकार गिरने के बाद वह ढाका से भारत आ गई थीं और तब से यहीं रह रही हैं।
मानवता के विरुद्ध अपराध मामले में सुनाई जा चुकी है मौत की सजा
पिछले वर्ष नवंबर में ढाका की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान कथित दमनात्मक कार्रवाई से जुड़े मानवता के विरुद्ध अपराध के मामले में शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद से बांग्लादेश लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है ताकि वह कानूनी कार्रवाई का सामना कर सकें।
सलाहकार बोले- सजा पर अमल की उम्मीद
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सूचना एवं रणनीति मामलों के सलाहकार जाहिद उर रहमान ने कहा कि सरकार चाहती है कि शेख हसीना के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो। उन्होंने कहा कि देश की जनता चाहती है कि अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा बरकरार रहे और कानून के अनुसार उस पर अमल किया जाए। उनका यह भी कहना था कि शेख हसीना अपनी पैरवी के लिए किसी भी वकील की सेवा ले सकती हैं।
भारत ने दोहराया अपना रुख
शेख हसीना की संभावित वापसी के बीच भारत ने भी अपने रुख में किसी बदलाव से इनकार किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रत्यर्पण से जुड़े सभी मामलों का निपटारा कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाएगा और भारत का इस मुद्दे पर पहले वाला रुख बरकरार है।