अमरनाथ यात्रा में बड़ा बदलाव! पॉलीथिन लेकर पहुंचे तो नहीं मिलेगी एंट्री, श्रद्धालुओं को फ्री में दिए जाएंगे कपड़े के थैले
जम्मू: इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने बड़े कदम उठाए हैं। यात्रा मार्ग पर पॉलीथिन बैग, थर्माकोल और सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है, ताकि यात्रा के दौरान प्राकृतिक सौंदर्य और स्वच्छता प्रभावित न हो।
यात्रा के दौरान बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों से लेकर पवित्र गुफा तक किसी भी श्रद्धालु को पॉलीथिन बैग ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई यात्री पॉलीथिन के साथ पहुंचता है, तो उसे आगे बढ़ने से पहले अपना बैग बदलना होगा।
श्रद्धालुओं को मुफ्त मिलेंगे कपड़े के थैले
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दोनों आधार शिविरों में करीब डेढ़ लाख कपड़े के थैले तैयार रखे गए हैं। पॉलीथिन लेकर आने वाले यात्रियों को ये थैले निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक कचरा बिल्कुल न फैले और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
भंडारों और दुकानदारों के लिए भी सख्त नियम
यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले भंडारा संगठनों और दुकानदारों को भी नए दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। उन्हें भोजन और पेय पदार्थों के वितरण के लिए स्टील की प्लेट और गिलास का ही उपयोग करना होगा।
प्लास्टिक के गिलास या अन्य प्रतिबंधित सामग्री का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
कचरा प्रबंधन के लिए विशेष योजना
यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए व्यापक कचरा प्रबंधन योजना तैयार की गई है। इस जिम्मेदारी को इंदौर की गैर-सरकारी संस्था “स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट” को सौंपा गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर का ग्रामीण स्वच्छता विभाग इसकी निगरानी करेगा।
4 हजार सफाईकर्मी होंगे तैनात
यात्रा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए करीब 4,000 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 623 कर्मचारी विशेष रूप से कचरा प्रबंधन का कार्य संभालेंगे।
प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे में उल्लेखनीय कमी लाई जाए और पूरे मार्ग को साफ-सुथरा रखा जाए।
15 फीसदी कचरा घटाने का लक्ष्य
पिछले वर्ष अमरनाथ यात्रा मार्ग पर लगभग 450 टन कचरा एकत्र हुआ था। इस बार प्रशासन ने कचरे की मात्रा में 15 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य तय किया है।
इसके लिए जागरूकता अभियान, प्रतिबंधित सामग्री पर नियंत्रण और बेहतर कचरा संग्रहण व्यवस्था लागू की जा रही है।
यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम
स्वच्छता अभियान के तहत यात्रा मार्गों पर करीब 5,000 शौचालय और स्नानघर भी स्थापित किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इस बार यात्रा को पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा दोनों के लिहाज से बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।