डीप डिप्रेशन का बड़ा असर! 4 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा, IMD की चेतावनी

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नई दिल्ली: भारतीय मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, पश्चिम मध्य छत्तीसगढ़ के आसपास बना डीप डिप्रेशन लगातार पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है, जिसका असर तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

डीप डिप्रेशन के चलते कई राज्यों में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को विदर्भ, उत्तरी तेलंगाना, दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग का कहना है कि यह मौसम प्रणाली आगे बढ़ते हुए गुजरात की ओर पहुंचेगी, जिससे मध्य प्रदेश और गुजरात में भी तेज से अत्यंत भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

अगले 24 घंटे बेहद अहम, कई इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी के अनुसार, अगले 12 घंटों में यह प्रणाली और मजबूत हो सकती है तथा इसके बाद पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिणी मध्य प्रदेश और विदर्भ के रास्ते आगे बढ़ेगी। अगले 24 घंटों के दौरान तेलंगाना, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक और केरल भी अलर्ट पर

मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक तथा केरल में भी मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और सिक्किम में भी भारी वर्षा का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार, गुजरात के कुछ इलाकों में 30 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है।

ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा

लगातार बारिश के बीच ओडिशा के खुर्दा, कटक, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कटक के पास मुंडाली में लगभग 9 लाख क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया है, जिससे महानदी के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। अथागढ़ और बडम्बा क्षेत्रों में पानी घुसने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

अगले 36 घंटे को लेकर प्रशासन सतर्क

जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ दिलीप कुमार राउत ने कहा कि अगले 36 घंटे बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे क्योंकि महानदी में बाढ़ का पानी अपने चरम पर पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि महानदी नदी तंत्र में 8 लाख क्यूसेक से अधिक जल प्रवाह को मध्यम श्रेणी की बाढ़ माना जाता है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील इलाकों में कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है।

बाढ़ से तीन लोगों की मौत, 7 लाख से अधिक प्रभावित

राज्य सरकार के अनुसार, बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। ओडिशा के 30 में से 20 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और 7 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में आए हैं। प्रशासन ने करीब 1.90 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जबकि 520 राहत शिविरों में लोगों को ठहराया गया है। बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों के 21 गांव अब भी प्रभावित हैं और 1,352 घरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

 

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