E20 पेट्रोल पर फैली बड़ी गलतफहमी! क्या इंश्योरेंस क्लेम होगा खारिज? ICICI Lombard ने जारी किया साफ-साफ जवाब

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मुंबई: देशभर में E20 पेट्रोल के बढ़ते इस्तेमाल के बीच वाहन मालिकों की चिंता उस समय बढ़ गई, जब एक बीमा कंपनी के ब्लॉग पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। खासतौर पर 2023 से पहले खरीदी गई गाड़ियों के मालिक इस आशंका में आ गए कि कहीं E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर उनका मोटर इंश्योरेंस क्लेम खारिज तो नहीं हो जाएगा। अब इस पूरे विवाद पर कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

देश में इथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने की सरकारी नीति के तहत E20 पेट्रोल का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच सामने आई एक ब्लॉग पोस्ट ने कई वाहन चालकों के मन में सवाल खड़े कर दिए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्लॉग में कहा गया था कि यदि किसी वाहन में ऐसा ईंधन इस्तेमाल किया जाता है जिसके लिए वह डिजाइन नहीं किया गया है, तो इसे गलत उपयोग या लापरवाही माना जा सकता है और बीमा दावों की जांच उसी आधार पर की जा सकती है।

इस चर्चा के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई और पुरानी गाड़ियों के मालिकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। मामला बढ़ने पर कंपनी ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया।

कंपनी ने कहा- E20 पेट्रोल से इंश्योरेंस पॉलिसी पर नहीं पड़ेगा असर

15 जून को जारी अपने बयान में कंपनी ने साफ किया कि E20 ईंधन के उपयोग से मोटर बीमा पॉलिसियों की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता है। कंपनी ने कहा कि पुरानी गाड़ियों में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल लापरवाही की श्रेणी में नहीं माना जाता और यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक और प्रगतिशील कदम है।

कंपनी के अनुसार, मोटर बीमा पॉलिसियों के तहत दुर्घटना से होने वाले नुकसान, वाहन चोरी, मालिक-चालक और सहयात्रियों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना कवर तथा थर्ड पार्टी दायित्व जैसे लाभ शामिल होते हैं। इनका दायरा ग्राहक द्वारा चुने गए कवर पर निर्भर करता है।

फ्यूल नहीं, बीमित घटना के आधार पर तय होता है क्लेम

कंपनी ने स्पष्ट किया कि वाहन दुर्घटना, चोरी या अन्य बीमित घटनाओं की स्थिति में क्लेम स्वीकार किए जाते हैं। वाहन में इस्तेमाल किए गए ईंधन का प्रकार—चाहे वह पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या E20 हो—क्लेम की पात्रता तय करने का आधार नहीं होता।

बयान में कहा गया कि यदि किसी स्थिति में पारंपरिक पेट्रोल के साथ क्लेम स्वीकार किया जा सकता है, तो वही नियम E20 पेट्रोल पर भी लागू होगा। केवल E20 ईंधन के इस्तेमाल के आधार पर किसी क्लेम को खारिज नहीं किया जाएगा।

देशभर में उपलब्ध है E20 पेट्रोल

वर्तमान में देश में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री व्यापक स्तर पर की जा रही है। E20 पेट्रोल अब पूरे देश में उपलब्ध है, जबकि 85 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ईंधन की बिक्री फिलहाल सीमित क्षेत्रों में की जा रही है।

वाहन निर्माता कंपनियों ने वर्ष 2023 से E20 अनुकूल वाहनों का निर्माण शुरू कर दिया था। बाद में सरकार ने अप्रैल 2025 से सभी वाहन कंपनियों के लिए E20 समर्थित वाहन बनाना अनिवार्य कर दिया।

2023 से पहले की गाड़ियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव?

विशेषज्ञों के अनुसार, 2023 से पहले निर्मित कई वाहनों का इंजन E20 ईंधन को ध्यान में रखकर डिजाइन नहीं किया गया था। हालांकि, 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से वाहन पर तत्काल कोई गंभीर नकारात्मक असर पड़ने की संभावना नहीं है।

हालांकि कुछ मामलों में माइलेज पर मामूली प्रभाव देखने को मिल सकता है, लेकिन सामान्य उपयोग के दौरान वाहन मालिकों को तत्काल किसी बड़े तकनीकी नुकसान की आशंका नहीं बताई गई है।

 

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