यूपी स्वास्थ्य विभाग में देर रात बड़ा फेरबदल, वाराणसी-संतकबीर नगर के CMO बदले; 8 चिकित्साधिकारियों को मिली CMS की जिम्मेदारी

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में सोमवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। शासन ने वाराणसी और संतकबीर नगर में नए मुख्य चिकित्साधिकारियों की तैनाती की है। इसके अलावा आठ चिकित्साधिकारियों को अलग-अलग अस्पतालों में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव रवि रंजन ने सोमवार को तबादलों और नई तैनातियों से संबंधित आदेश जारी किए।

वाराणसी और संतकबीर नगर को मिले नए CMO

प्रादेशिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग में संयुक्त निदेशक ग्रेड के अधिकारी डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को वाराणसी का नया मुख्य चिकित्साधिकारी बनाया गया है। वह अभी मिर्जापुर मंडल के अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य के कार्यालय में संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात थे।

लखनऊ के वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर तैनात डॉ. संजय कुमार दोहरे को सिद्धार्थनगर का नया सीएमओ नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय वाराणसी के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. सत्य प्रकाश और लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय रामनगर वाराणसी के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. प्रवीर रंजन को सीएमएस की जिम्मेदारी दी गई है।

इन चिकित्साधिकारियों को बनाया गया CMS

डॉ. मनोज कुमार अखौरी को जिला संयुक्त चिकित्सालय शामली का सीएमएस बनाया गया है। डॉ. अजय मोहन को श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या, डॉ. शंभु दयाल को जिला महिला चिकित्सालय गोंडा और डॉ. प्रमोद कुमार दोहरे को 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय उन्नाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसी क्रम में डॉ. अनिल कुमार शुक्ला को 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय हरदोई और डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव को लोकबंधु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय लखनऊ का सीएमएस नियुक्त किया गया है।

पुलिस विभाग में भी बड़े फेरबदल की तैयारी

उधर, उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में भी जल्द बड़े स्तर पर बदलाव की संभावना है। पीपीएस संवर्ग से आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति पाने वाले 28 अधिकारी नई जिम्मेदारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। एक जुलाई को 28 पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति देने का आदेश जारी किया गया था।

इस महीने के अंत में डीजी फायर सर्विस मुथा अशोक जैन और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात एडीजी रवि जोसेफ लोक्कू समेत 10 आईपीएस अधिकारियों का सेवाकाल पूरा होने वाला है। कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादलों की चर्चा है।

डीजी से लेकर जिलों की कमान तक बदलने की संभावना

पुलिस विभाग में डीजी स्तर के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र से लेकर कई जिलों में पुलिस की कमान बदले जाने की संभावना जताई जा रही है। मुथा अशोक जैन का सेवाकाल पूरा होने के बाद वरिष्ठता क्रम में एडीजी अशोक कुमार सिंह को डीजी पद पर पदोन्नति मिलने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के बाद पुलिस अधिकारियों के तबादले किए जा सकते हैं। इनमें पीपीएस संवर्ग से पदोन्नत होकर आईपीएस बने अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। नई तैनातियों के लिए अधिकारियों के फील्ड अनुभव और अन्य उपलब्धियों को ध्यान में रखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में कई जिलों में महिला अपराधों को लेकर नाराजगी जताई थी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने आईजीआरएस में पिछड़े जिलों के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी असंतोष व्यक्त किया था।

इस महीने सेवाकाल पूरा करने वाले आईपीएस अधिकारियों में आईजी सीआईडी अखिलेश कुमार निगम, डीआईजी शहाब रशीद खान, आलोक प्रियदर्शी और सुनीता सिंह के अलावा एसपी अरविंद कुमार मिश्रा, हरि गोविंद और राम नारायण सिंह के नाम शामिल हैं।

126 नए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 1810 पद सृजित

उत्तर प्रदेश में 126 नए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के संचालन की तैयारी भी तेज कर दी गई है। इन विद्यालयों के लिए प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक और कनिष्ठ सहायक के कुल 1810 नियमित पद सृजित किए गए हैं। इन पदों को सीधी भर्ती और पदोन्नति के जरिए भरा जाएगा।

पीएम जन विकास कार्यक्रम के तहत 68 राजकीय इंटर कॉलेज और 58 राजकीय हाईस्कूल यानी कुल 126 नए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों का निर्माण और हस्तांतरण किया गया है।

इन पदों पर होगी भर्ती और पदोन्नति

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नए विद्यालयों के लिए प्रधानाचार्य के 68, प्रधानाध्यापक के 58, प्रवक्ता के 680, सहायक अध्यापक एलटी के 819 और कनिष्ठ सहायक के 185 नियमित पद सृजित किए हैं।

अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। कुल पदों में 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के जरिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से भरे जाएंगे, जबकि शेष 50 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे।

शैक्षिक सत्र 2026-27 से पढ़ाई शुरू करने की तैयारी

इन नए विद्यालयों में छठी और नवीं कक्षा में 80-80 विद्यार्थियों के प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। सरकार की तैयारी नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से इन विद्यालयों में पढ़ाई शुरू कराने की है।

 

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