उत्तराखंड में 2027 का BJP प्लान तैयार! मौजूदा विधायकों पर फिर दांव, CM धामी को 25 सीटों से चुनाव लड़ने का न्योता
देहरादून: उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। दिल्ली में हुई कोर कमेटी की बैठक में पार्टी नेतृत्व ने संकेत दिया कि आगामी चुनाव में मौजूदा विधायकों को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि टिकट का अंतिम फैसला केवल वर्तमान विधायकों के आधार पर नहीं होगा। क्षेत्र में सक्रियता, संगठन का फीडबैक और सर्वे रिपोर्ट प्रत्याशियों के चयन में अहम भूमिका निभाएंगे।
मौजूदा विधायकों की अब होगी राजनीतिक परीक्षा
भाजपा ने मौजूदा विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर चुनावी तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विधायकों को सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ स्थानीय समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान देना होगा। पार्टी आने वाले महीनों में यह भी देखेगी कि संबंधित विधायक की क्षेत्र में पकड़ कैसी है, कार्यकर्ताओं के साथ उनका तालमेल कितना मजबूत है और स्थानीय मुद्दों पर वह कितने सक्रिय हैं।
क्षेत्र में किसी तरह का असंतोष होने पर उसे दूर करने की जिम्मेदारी भी विधायकों की होगी। यानी मौजूदा विधायकों के लिए टिकट की राह फिलहाल खुली जरूर है, लेकिन उनकी राजनीतिक सक्रियता और प्रदर्शन पर पार्टी की लगातार नजर रहेगी।
हारी और कम अंतर वाली सीटों पर भाजपा का फोकस
भाजपा की चुनावी रणनीति केवल मौजूदा सीटों को बचाने तक सीमित नहीं रहेगी। पिछले विधानसभा चुनाव में जिन सीटों पर पार्टी को हार मिली थी या जहां जीत का अंतर कम रहा था, उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
संगठन बूथ स्तर तक अपनी सक्रियता बढ़ाकर कमजोर क्षेत्रों की पहचान करेगा। इसके जरिए चुनाव से पहले संगठनात्मक कमियों को दूर करने और पार्टी की स्थिति मजबूत करने की कोशिश होगी।
युवा, महिला और लाभार्थी होंगे रणनीति के केंद्र में
भाजपा ने चुनावी तैयारी में युवा, महिला और सरकार की योजनाओं का लाभ लेने वाले वर्ग को विशेष महत्व देने के संकेत दिए हैं। पार्टी की कोशिश रोजगार, विकास, पलायन और स्थानीय सुविधाओं जैसे मुद्दों पर जनता के साथ संवाद बढ़ाने की होगी।
प्रदेश नेतृत्व को सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने पर भी जोर देने को कहा गया है।
CM धामी को 25 विधानसभा सीटों से मिला चुनाव लड़ने का न्योता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा रहा है कि प्रदेश के करीब 25 विधानसभा क्षेत्रों से उन्हें चुनाव लड़ने के प्रस्ताव और आमंत्रण पत्र मिले हैं। अलग-अलग समूहों की ओर से मुख्यमंत्री को अपने क्षेत्र से चुनाव लड़ने का न्योता दिया गया है।
इन प्रस्तावों के बीच पार्टी सूत्र चंपावत विधानसभा क्षेत्र को मुख्यमंत्री के लिए ज्यादा पसंदीदा बता रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह क्षेत्र में हुए विकास कार्य बताए जा रहे हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री धामी चंपावत से विधायक हैं और विकास की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के चलते यह क्षेत्र एक मॉडल के रूप में उभरने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी किस विधानसभा क्षेत्र से 2027 का चुनाव लड़ेंगे, इसका अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। इस पर निर्णय मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन के स्तर पर ही लिया जाएगा।