नई दिल्ली: संसद मार्च से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि सरकार की ओर से पहली बार बातचीत की पहल की गई है। हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस बीच राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित मार्च को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
बातचीत की पहल का CJP का दावा
सीजेपी का कहना है कि लंबे समय से जारी आंदोलन के बीच पहली बार सरकार की ओर से संवाद स्थापित करने की कोशिश की गई है। पार्टी के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने आधिकारिक स्तर पर बातचीत शुरू करने का प्रयास किया है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह पहल किस मंत्री या अधिकारी की ओर से की गई। सरकार ने फिलहाल इस संबंध में कोई पुष्टि या बयान जारी नहीं किया है।
सोनम वांगचुक ने रखी थीं अनशन खत्म करने की शर्तें
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा था कि यदि संसद के मानसून सत्र में सांसद शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को उठाने का भरोसा देते हैं तो वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि स्वास्थ्य कारणों से वह संसद मार्च में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद अस्पताल आकर उन्हें आश्वस्त करें।
वांगचुक ने अपने संदेश में कहा था कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हुई हालिया विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करती है या संसद परिसर में सांसद इस मुद्दे को उठाने का भरोसा देते हैं, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि वह स्वयं मार्च में शामिल नहीं हो सके तो सांसद अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात करें।
संसद मार्च को लेकर CJP का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने दावा किया कि यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मार्च होगा। उन्होंने कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं और उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को संसद तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकेगा।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही स्वीकृति दी गई है।