‘ईरान को सीरिया बनाने की साजिश नाकाम’! राष्ट्रपति पेजेशकियन का राष्ट्र के नाम संबोधन, दुश्मनों को दिया सख्त संदेश
तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में देश के विरोधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दुश्मन ताकतों ने युद्ध, प्रतिबंधों और राजनीतिक दबाव के जरिए ईरान को अस्थिर कर उसका हाल सीरिया जैसा करने की कोशिश की, लेकिन देश की एकजुटता और नए सर्वोच्च नेता के नेतृत्व के चलते यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
‘इस्लामिक रिपब्लिक को कमजोर करने की कोशिश हुई’
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि विरोधी ताकतों का उद्देश्य इस्लामिक रिपब्लिक को कमजोर करना और देश की स्थिरता को नुकसान पहुंचाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि युद्ध और आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए ईरान को संकट में धकेलने की कोशिश की गई, लेकिन देश के लोगों ने एकजुट रहकर इन प्रयासों को विफल कर दिया।
एकजुटता को बताया सबसे बड़ी ताकत
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि ईरानी जनता की एकता ही देश की सबसे बड़ी शक्ति है। उनके मुताबिक, विरोधी देश ईरान में आजादी और विकास के किसी भी संकेत को स्वीकार नहीं करना चाहते, लेकिन राष्ट्रीय एकजुटता ने हर चुनौती का मजबूती से सामना किया है।
नए सर्वोच्च नेता के नेतृत्व की सराहना
पेजेशकियन ने नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने देश को एकजुट और मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इस्लामिक क्रांति के दिवंगत सर्वोच्च नेता को श्रद्धांजलि भी अर्पित की और विश्वास जताया कि नया नेतृत्व देश की संप्रभुता और स्थिरता की रक्षा करता रहेगा।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया बयान
राष्ट्रपति का यह संबोधन ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है। इसी बीच ईरान और ओमान के बीच प्रस्तावित समझौते को लेकर भी चर्चा तेज है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के संचालन से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है।
अमेरिका के साथ बातचीत पर भी बढ़ी हलचल
दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है और तेहरान की ओर से संपर्क किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटों में स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकती है।