Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ा भीषण चक्रवाती तूफान, 125 किमी/घंटा तक चल सकती हैं हवाएं; 53 ट्रेनें रद्द
नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत पूर्वी तट के राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटों के बीच बापटला और विशाखापत्तनम के आसपास तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने की आशंका जताई गई है।
तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। आंध्र प्रदेश में राहत कार्यों के लिए 20 जिलों को 27 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ की 15 टीमें तैनात की गई हैं। ओडिशा में भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, शैक्षणिक संस्थान बंद रखने और समुद्र तटों पर आवाजाही रोकने जैसे कदम उठाए गए हैं।
23 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा तूफान
भुवनेश्वर स्थित मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र के अनुसार, चक्रवाती सिस्टम पिछले छह घंटों में करीब 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। 26 अक्टूबर की रात 11:30 बजे यह बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में केंद्रित था।
उस समय तूफान ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 400 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 350 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और काकीनाडा से करीब 420 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था। विशाखापत्तनम स्थित डॉप्लर मौसम रडार के माध्यम से इसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
आंध्र प्रदेश में राहत कार्यों के लिए 27 करोड़ रुपये जारी
चक्रवात के कारण भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 20 जिलों को कुल 27 करोड़ रुपये जारी किए हैं। बापटला, कृष्णा, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, काकीनाडा और अनकापल्ली जिलों को दो-दो करोड़ रुपये दिए गए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 15 टीमें तैनात की गई हैं। एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। समुद्र तटों पर आम लोगों के जाने पर रोक लगाई गई है। पेयजल की जरूरत पूरी करने के लिए 2,613 आपातकालीन पानी के टैंकर तैयार रखे गए हैं।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा कर तूफान की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संभावित प्रभावित इलाकों में लोगों को समय रहते सतर्क करने और जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।
ओडिशा के छह जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद
ओडिशा सरकार ने तूफान की आशंका को देखते हुए छह जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के अनुसार, राज्य सरकार ने जान-माल की सुरक्षा के लिए अपनी ‘शून्य जनहानि’ नीति के तहत तैयारियां की हैं। दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, मलकानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर में कर्मचारियों तथा मशीनरी को तैनात किया गया है। तैयारियों की निगरानी के लिए आठ मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों की जिम्मेदारी दी गई है।
संवेदनशील क्षेत्रों से निकाले जा रहे लोगों के लिए राहत शिविर और अस्थायी आश्रय केंद्र तैयार किए गए हैं। इन छह जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज तथा आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। समुद्र में मछली पकड़ने और पहाड़ियों, झरनों, बांधों तथा पर्यटन स्थलों पर जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
गंजाम में 27 से 29 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्र बंद
ओडिशा के गंजाम जिला प्रशासन ने चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए 27 से 29 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अपने क्षेत्रों में रहने की सलाह दी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बंद के दौरान लाभार्थियों तक पोषण सामग्री पहुंचाने के लिए सूखा राशन और टेक-होम राशन सीधे उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। ओडिशा स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी भी परिवहन व्यवस्था को लेकर एहतियाती कदम उठा रही है।
तमिलनाडु में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए तमिलनाडु में भी सतर्कता बरती जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में शनिवार से भारी बारिश हो रही है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
तूफान की चेतावनी के बाद तूतुकुडी और पंबन में बड़ी संख्या में मछली पकड़ने वाली नौकाएं रोक दी गई हैं। इससे मछुआरों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। मछुआरों ने संभावित नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग भी की है। चक्रवात के कारण उन दिहाड़ी मजदूरों की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है, जो काम के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं।
रेलवे ने 53 ट्रेनें कीं रद्द
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए रेलवे ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। दक्षिण तटीय रेलवे (साउथ कोस्ट रेलवे) ने 27 और 28 अक्टूबर को यात्रा शुरू करने वाली कुल 53 लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और रेलवे की आधिकारिक सूचना जरूर जांच लें। मौसम की परिस्थितियों के अनुसार ट्रेनों के संचालन में बदलाव हो सकता है।