मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा! इजरायल पर मिसाइल हमले के बाद हाई अलर्ट, इराक और सीरिया ने बंद किया एयरस्पेस
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इजरायल पर मिसाइल हमला होने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए ईरान ने अपने पश्चिमी हवाई क्षेत्र को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है, जबकि इराक और सीरिया ने भी अपने एयरस्पेस पर प्रतिबंध लगाते हुए उड़ानों के संचालन पर रोक लगा दी है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, देश के राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के प्रवक्ता माजिद अखवन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पश्चिमी ईरान के हवाई क्षेत्र को अगली सूचना तक बंद करने की घोषणा की है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है।
इराक और सीरिया ने भी उठाया बड़ा कदम
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बाद इराकी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने देश का एयरस्पेस अगले 72 घंटों के लिए बंद करने का फैसला लिया है। वहीं, सीरिया ने अपने दक्षिणी हवाई क्षेत्र को 12 घंटे के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके साथ ही दमिश्क अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानों का संचालन भी रोक दिया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए लिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
ईरान के मिसाइल हमले से बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार, लेबनान पर हालिया हमले के बाद ईरान ने इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागीं। 8 अप्रैल को हुए संघर्ष-विराम के बाद यह ईरान की ओर से पहला बड़ा मिसाइल हमला माना जा रहा है। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है और कई देशों ने हालात पर करीबी नजर रखना शुरू कर दिया है।
इजरायल ने दी आधिकारिक प्रतिक्रिया
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने बयान जारी कर कहा कि ईरान से दागी गई मिसाइलों की पहचान होते ही देश के कई हिस्सों में सायरन बजाए गए। सेना के अनुसार, मिसाइलों को रोकने के लिए रक्षा प्रणालियां तुरंत सक्रिय कर दी गईं और संभावित खतरे को निष्क्रिय करने के प्रयास किए गए।
आईडीएफ ने बताया कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए होम फ्रंट कमांड की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
फिलहाल नुकसान की कोई पुष्टि नहीं
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, अब तक किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रही हैं और क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।