मिलेट्स किसान महोत्सव में किसानों को मिलेगी नई तकनीक की जानकारी, 17 सितंबर को कृषि विज्ञान केंद्र छोलस में आयोजन
गौतमबुद्धनगर: जनपद स्तरीय मिलेट्स किसान महोत्सव एवं किसान मेले का आयोजन 17 सितंबर 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र छोलस, दादरी में किया जाएगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन की न्यूट्रीसीरियल घटक के अंतर्गत आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में किसानों को मिलेट्स फसलों की नवीनतम कृषि तकनीक, उत्पादन बढ़ाने के उपाय और पौष्टिक व्यंजनों की जानकारी दी जाएगी।
किसानों को मिलेट्स उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से कराया जाएगा अवगत
मुख्य विकास अधिकारी गौतमबुद्धनगर भालचंद्र त्रिपाठी ने बताया कि किसान महोत्सव का आयोजन अपराह्न 4 बजे से किया जाएगा। इसका उद्देश्य जनपद के किसानों को मिलेट्स फसलों की उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराना है, जिससे फसल उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि हो सके।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान किसानों को मिलेट्स फसलों की खेती, बेहतर उत्पादन तकनीक और इससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा दी जाएगी।
मिलेट्स से तैयार पौष्टिक व्यंजनों की भी दी जाएगी जानकारी
किसान मेले में किसानों को मिलेट्स से तैयार होने वाले विभिन्न पौष्टिक व्यंजनों की विधियों और उनके उपयोग के बारे में भी बताया जाएगा। अधिकारियों का उद्देश्य किसानों को मिलेट्स के उत्पादन के साथ-साथ इसके पोषण संबंधी महत्व से भी जोड़ना है।
विभिन्न विभाग और संस्थाएं लगाएंगी जागरूकता स्टॉल
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि किसान महोत्सव में कृषि एवं संबंधित विभागों, संस्थाओं और फर्मों की ओर से विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को मिलेट्स फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और उपयोग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने संबंधित विभागों और संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समय पर अपने स्टॉल लगाकर किसान महोत्सव में सहभागिता सुनिश्चित करें।
किसानों से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील
मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद के किसानों से अपील की है कि वे 17 सितंबर 2026 को अपराह्न 4 बजे कृषि विज्ञान केंद्र छोलस, दादरी में आयोजित मिलेट्स किसान महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें।
उन्होंने कहा कि किसान मेले में विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों से मिलेट्स फसलों से जुड़ी नई जानकारियां प्राप्त कर किसान इसका लाभ उठा सकते हैं।