जेवर एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल उड़ान रवाना, लखनऊ के लिए भरी उड़ान; 170 किसानों ने भी किया ऐतिहासिक सफर

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गौतमबुद्धनगर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन साबित हुआ जब नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर से वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ कर दिया गया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने रिबन काटकर और फ्लैग ऑफ कर एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट को रवाना किया। इसके साथ ही लंबे समय से प्रतीक्षित जेवर एयरपोर्ट से नियमित उड़ान संचालन की शुरुआत हो गई।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया, एयरपोर्ट प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

इंडिगो की पहली फ्लाइट लखनऊ के लिए रवाना

वाणिज्यिक संचालन के पहले दिन इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान जेवर से लखनऊ के लिए रवाना हुई। इस विशेष अवसर पर एयरपोर्ट के लिए भूमि उपलब्ध कराने वाले 170 किसानों को भी पहली उड़ान का हिस्सा बनाया गया। इनमें 28 महिला किसान भी शामिल रहीं।

जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया और उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश भी किसानों के साथ लखनऊ पहुंचे। वहां किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर एयरपोर्ट परियोजना को साकार करने के लिए आभार व्यक्त किया।

पश्चिमी यूपी और एनसीआर को मिलेगा बड़ा फायदा

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों की हवाई कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना व्यापार, पर्यटन, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए आधुनिक डिजिटल सुविधाएं, सेल्फ चेक-इन सिस्टम, बैगेज ड्रॉप सेवा और अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं विकसित की गई हैं। एयरपोर्ट का डिज़ाइन स्थानीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के समन्वय को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

उन्होंने कहा कि फिलहाल घरेलू उड़ानों का संचालन शुरू किया गया है, जबकि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू की जाएंगी। एयरपोर्ट के पहले चरण को सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता के साथ विकसित किया गया है।

भविष्य में विस्तार के बाद इसकी क्षमता बढ़ाकर 7 करोड़ से अधिक यात्रियों तक पहुंचाई जा सकेगी, जिससे यह देश के सबसे बड़े और व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल होगा।

एयर कार्गो हब बनेगा जेवर एयरपोर्ट

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक एयर कार्गो सुविधाएं भी विकसित की गई हैं, जिससे उत्तर भारत के लॉजिस्टिक्स, निर्यात और व्यापार क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है और इसे नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

सरकार का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के संचालन से क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा, औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही यह परियोजना उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएगी।

 

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