नई दिल्ली: खराब जीवनशैली, लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करना और घंटों मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना आज के दौर में लोगों की बॉडी पोस्चर से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा रहा है। लगातार आगे झुककर बैठने या खड़े रहने की आदत के कारण रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे कमर झुकने लगती है। यह समस्या आगे चलकर पीठ, गर्दन और कंधों में दर्द का कारण भी बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से कुछ आसान एक्सरसाइज और योगासन करने से पोस्चर में सुधार लाया जा सकता है और रीढ़ को मजबूत बनाया जा सकता है।
भुजंगासन से रीढ़ बनेगी मजबूत
झुकी हुई कमर को सीधा करने के लिए भुजंगासन बेहद लाभकारी माना जाता है। यह योगासन रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाने के साथ-साथ छाती और कंधों को भी खोलने का काम करता है। इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं और दोनों हथेलियों को कंधों के पास जमीन पर रखें। धीरे-धीरे सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं और सिर को पीछे की ओर मोड़ें। करीब 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद सामान्य अवस्था में लौट आएं। इस प्रक्रिया को 4 से 5 बार दोहराया जा सकता है।
कैट-काऊ स्ट्रेच से बढ़ेगा लचीलापन
कैट-काऊ स्ट्रेच रीढ़ की हड्डी की गतिशीलता बढ़ाने और पीठ की मांसपेशियों में जमा तनाव को कम करने में मदद करती है। इस एक्सरसाइज को करने के लिए घुटनों और हथेलियों के बल जमीन पर आएं। सांस लेते हुए पीठ को नीचे की ओर झुकाएं और सिर ऊपर उठाएं। इसके बाद सांस छोड़ते हुए पीठ को गोल करें और ठुड्डी को छाती की ओर ले आएं। रोजाना 10 से 12 बार इस अभ्यास को करने से रीढ़ की लचक बेहतर हो सकती है।
चाइल्ड पोज से मिलेगा आराम
चाइल्ड पोज एक सरल और आरामदायक योग मुद्रा है, जो पीठ और कंधों की मांसपेशियों को राहत देती है। इसे करने के लिए घुटनों के बल बैठें और कूल्हों को एड़ियों पर टिकाएं। इसके बाद शरीर को आगे की ओर झुकाकर माथे को जमीन से लगाने की कोशिश करें। दोनों हाथों को सामने की ओर फैलाकर रखें और गहरी सांस लेते रहें। इस मुद्रा में 1 से 2 मिनट तक बने रहने से रीढ़ को आराम मिलता है और पोस्चर सुधारने में मदद मिलती है।
चेस्ट ओपनर स्ट्रेच से खुलेगी छाती
लंबे समय तक आगे झुककर काम करने से छाती की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे कंधे आगे की ओर झुक जाते हैं। चेस्ट ओपनर स्ट्रेच इस समस्या को दूर करने में मदद करती है। इसके लिए सीधे खड़े होकर दोनों हाथों को पीठ के पीछे ले जाएं और उंगलियों को आपस में फंसा लें। अब धीरे-धीरे हाथों को पीछे और ऊपर की ओर खींचें, ताकि छाती खुल सके। 20 से 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें और इसे तीन बार दोहराएं।