Gold Price Today: सोना ₹1,600 और चांदी ₹2,550 उछली, रिकॉर्ड तेजी के बीच निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?

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नई दिल्ली: घरेलू वायदा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के वायदा भाव 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गए। वहीं चांदी भी 2,550 रुपये महंगी होकर 2,26,350 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई। वैश्विक बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग ने दोनों कीमती धातुओं को मजबूती दी है।

एमसीएक्स पर सोना-चांदी में मजबूत बढ़त

22 जुलाई 2026 की सुबह के कारोबार में एमसीएक्स पर सोने के वायदा भाव में 1,600 रुपये से अधिक की तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर चांदी के वायदा भाव भी 1 प्रतिशत से ज्यादा चढ़े और 2,26,350 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊपर कारोबार करते दिखाई दिए। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में अगस्त सोना वायदा एक प्रतिशत से अधिक और सितंबर चांदी वायदा करीब 2.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था।

किन वजहों से बढ़े सोने और चांदी के दाम?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू बाजार में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार का मजबूत रुख प्रमुख कारण है। अमेरिकी बाजार में सोना करीब दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिससे घरेलू कीमतों को भी समर्थन मिला। हाल के अमेरिका-ईरान तनाव के बाद निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की खरीद बढ़ाई है।

विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से महंगाई बढ़ने की आशंका भी मजबूत हुई है। यदि मुद्रास्फीति बढ़ती है तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाना पड़ सकता है, जिसका असर कीमती धातुओं के बाजार पर भी पड़ रहा है।

अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की तेजी का असर

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान पर हमले किए। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द ही पिकैक्स माउंटेन के आसपास के इलाके को निशाना बनाएगा। दूसरी ओर ईरान ने चेतावनी दी है कि इन हमलों से क्षेत्रीय संघर्ष और व्यापक हो सकता है।

इसी बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत भी एक प्रतिशत से अधिक बढ़कर 92 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। कच्चे तेल में तेजी ने वैश्विक महंगाई को लेकर चिंताओं को और बढ़ाया है।

निवेशकों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुख्य रिसर्च एनालिस्ट रवि सिंह का कहना है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंची ट्रेजरी यील्ड के बावजूद सोने को भू-राजनीतिक तनाव का समर्थन मिल रहा है। होर्मुज क्षेत्र और काला सागर में बढ़ती गतिविधियों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा की हैं, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है।

उनके मुताबिक 28-29 जुलाई को होने वाली एफओएमसी बैठक पर बाजार की नजर रहेगी। निवेशक फेड की मौद्रिक नीति और चेयरमैन केविन वॉर्श की टिप्पणियों के आधार पर आगे की दिशा तय करेंगे।

सोने और चांदी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर

रवि सिंह के अनुसार एमसीएक्स सोने को 1,40,000 रुपये के आसपास मजबूत सपोर्ट मिला है। जब तक कीमतें इस स्तर के ऊपर बनी रहती हैं, तब तक बिकवाली का दबाव सीमित रह सकता है। वहीं 1,44,200 रुपये का स्तर पहली बड़ी बाधा माना जा रहा है। इसके ऊपर टिकने पर अल्पकालिक तेजी और मजबूत हो सकती है।

कमोडिटी रिसर्च विशेषज्ञ मनोज कुमार जैन के अनुसार सोने के लिए 1,42,000 और 1,41,400 रुपये प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 1,44,000 और 1,45,500 रुपये रेजिस्टेंस के रूप में देखे जा रहे हैं। चांदी के लिए 2,21,600 और 2,18,800 रुपये सपोर्ट तथा 2,26,000 और 2,28,800 रुपये रेजिस्टेंस स्तर हैं।

उन्होंने सलाह दी है कि जिन निवेशकों के पास पहले से खरीदारी की पोजीशन है, वे स्टॉप लॉस को आगे बढ़ाते रहें और सोने में 1,44,400 से 1,45,500 रुपये तथा चांदी में 2,27,000 से 2,30,000 रुपये के दायरे में मुनाफावसूली पर विचार कर सकते हैं।

 

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