गौतमबुद्धनगर-गाजियाबाद की सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में हाईकोर्ट का आदेश होगा सार्वजनिक, नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना अनिवार्य; 7 कार्य दिवस में देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
गौतमबुद्धनगर: इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, गाजियाबाद निखलेश राजन ने सभी संबंधित सोसायटियों के अध्यक्ष, सचिव और प्रबंधक बोर्ड को निर्देश दिया है कि न्यायालय के आदेश की प्रति तत्काल सोसायटी के मुख्य नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाए।
यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका-सी संख्या 31784/2026, एल्डिको आमन्त्रण अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में 12 अगस्त 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में की जा रही है।
नोटिस बोर्ड पर आदेश लगाने के पीछे क्या है उद्देश्य
डिप्टी रजिस्ट्रार के मुताबिक न्यायालय के निर्देश के अनुसार आदेश की प्रति सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाने का उद्देश्य यह है कि संबंधित सोसायटियों के व्यक्तिगत अपार्टमेंट स्वामियों, निर्वाचित सदस्यों, प्रबंधन बोर्ड, जनहित से जुड़े व्यक्तियों और सोसायटी प्रबंधन से परिचित संगठनों को न्यायालय के समक्ष विचाराधीन मुद्दों की जानकारी मिल सके। इससे इच्छुक व्यक्ति और संगठन इन मुद्दों पर अपने सुझाव एवं टिप्पणियां प्रस्तुत कर सकेंगे।
सुझाव और टिप्पणियां भेजने का भी मिलेगा अवसर
इच्छुक व्यक्ति या संगठन अपने सुझाव और टिप्पणियां डिप्टी रजिस्ट्रार, गाजियाबाद के माध्यम से भेज सकते हैं। इसके अलावा इन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (अनुपालन) को सीधे संबोधित किया जा सकता है। इच्छुक पक्ष न्यायालय के समक्ष हस्तक्षेप के लिए आवेदन के माध्यम से भी अपनी बात रख सकते हैं।
आदेश चस्पा करने के साथ सोसायटी के सदस्यों को भी देनी होगी जानकारी
सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के अध्यक्ष, सचिव और प्रबंधक बोर्ड को केवल नोटिस बोर्ड पर आदेश प्रदर्शित करने तक सीमित नहीं रहना होगा। उन्हें संबंधित अपार्टमेंट स्वामियों, निर्वाचित सदस्यों और प्रबंधन बोर्ड को भी न्यायालय के आदेश की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
इसके बाद नोटिस बोर्ड पर आदेश चस्पा किए जाने की फोटो सहित अनुपालन आख्या 7 कार्य दिवस के भीतर डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।
लापरवाही पर अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी
डिप्टी रजिस्ट्रार निखलेश राजन ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों का निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। आदेश के अनुपालन में लापरवाही बरतने पर न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी स्थिति में संबंधित एसोसिएशन की प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।