सोना-चांदी में भारी गिरावट! 3 दिन में गोल्ड ₹7,500 तक टूटा, चांदी ₹11,300 लुढ़की; निवेशकों में बढ़ी हलचल

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नई दिल्ली: सर्राफा और वायदा बाजार में गुरुवार को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव लगातार तीसरे दिन दबाव में रहा, जबकि चांदी में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। तीन दिनों के भीतर सोने के दाम में करीब 7,500 रुपये की गिरावट आ चुकी है, वहीं चांदी 21,000 रुपये से अधिक सस्ती हो गई है।

एमसीएक्स पर गुरुवार सुबह सोना 1,478 रुपये टूटकर 1,40,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं चांदी की कीमत 11,298 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ 2,10,737 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

तीन दिन में सोने-चांदी में बड़ी टूट

बाजार आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन कारोबारी दिनों में सोने की कीमत में कुल 7,482 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी तरफ चांदी के दाम भी लगातार फिसलते रहे और तीन दिनों में यह 21,728 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई।

कीमती धातुओं में आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे पहुंचा सोना

इस वर्ष 29 जनवरी को सोने ने 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था। मौजूदा कीमतों को देखें तो सोना अपने ऑल टाइम हाई से 52,396 रुपये तक नीचे आ चुका है।

चांदी में गिरावट और भी ज्यादा देखने को मिली है। चांदी का रिकॉर्ड उच्च स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम रहा था। वर्तमान भाव के हिसाब से यह अपने सर्वोच्च स्तर से 2,09,311 रुपये तक टूट चुकी है। यानी चांदी की कीमत लगभग आधी रह गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

वैश्विक बाजारों में भी सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गई है। बुधवार को सोने में करीब 3.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और भाव 3,960 डॉलर प्रति औंस से नीचे पहुंच गया।

वहीं चांदी की कीमत भी दिसंबर के बाद पहली बार 60 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे चली गई, जिससे वैश्विक बाजारों में कमजोरी का संकेत मिला।

सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे ये हैं बड़े कारण

विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी डॉलर की मजबूती कीमती धातुओं पर दबाव का प्रमुख कारण बनी हुई है। डॉलर मजबूत होने से अन्य मुद्राओं में खरीदारी महंगी हो जाती है, जिससे मांग प्रभावित होती है।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से सख्त मौद्रिक नीति और ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका भी सोने के लिए नकारात्मक मानी जा रही है। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशक सोने की बजाय अधिक प्रतिफल देने वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं।

इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं और प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थानों द्वारा सोने के भविष्य के मूल्य अनुमान में कटौती भी बाजार पर असर डाल रही है।

ईटीएफ से निकासी ने बढ़ाया दबाव

सोने से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) से लगातार निवेश निकाले जाने की वजह से भी बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बदलते रुख और कमजोर मांग के संकेतों ने भी सोने और चांदी की कीमतों को नीचे धकेला है।

तीन साल की तेजी पर लगा ब्रेक

पिछले तीन वर्षों के दौरान सोने ने निवेशकों को लगातार दोहरे अंक का रिटर्न दिया था और इसकी कीमत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई थी। हालांकि इस साल जनवरी के बाद बाजार की दिशा बदलती दिखाई दी और अब सोना अपने उच्चतम स्तर से 20 प्रतिशत से अधिक नीचे आ चुका है।

 

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