ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार, बोला- ‘अमेरिका से कोई वार्ता तय नहीं’; दोहा दौरे को लेकर दिया बड़ा बयान

0 15

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर चल रही अटकलों के बीच ईरान ने बड़ा बयान जारी कर दिया है। तेहरान ने साफ शब्दों में कहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई वार्ता तय नहीं है। इस बयान के साथ ही ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस की ओर से किए गए उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें कतर की राजधानी दोहा में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत होने की बात कही गई थी।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने प्रेस वार्ता में कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी स्तर पर कोई निर्धारित बैठक या वार्ता कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतर जाने वाले ईरानी प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य अमेरिका से बातचीत नहीं, बल्कि पहले से मौजूद समझौता ज्ञापन के कुछ प्रावधानों की समीक्षा करना है।

दोहा दौरे का मकसद बातचीत नहीं, समझौते की समीक्षा

ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोहा दौरा समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद-11 के क्रियान्वयन की समीक्षा और उसे आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि अमेरिकी प्रतिनिधियों की संभावित यात्रा और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम का आपस में कोई संबंध नहीं है।

प्रवक्ता ने कहा कि व्यापक और अंतिम समझौते को लेकर अभी औपचारिक बातचीत शुरू होने की स्थिति नहीं बनी है और फिलहाल दोनों पक्ष उस चरण तक नहीं पहुंचे हैं।

अंतिम समझौते से पहले पूरी करनी होंगी अहम शर्तें

ईरान का कहना है कि 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद-13 के तहत अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू हो सकती है, जब कई महत्वपूर्ण प्रावधानों को लागू किया जा चुका हो। इनमें अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 के तहत तय उपाय शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक ये प्रावधान दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली की प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इनके प्रभावी क्रियान्वयन के बिना किसी व्यापक समझौते पर आगे बढ़ना संभव नहीं है।

फ्रीज संपत्तियों और फंड पर भी जोर

ईरान ने विशेष रूप से अनुच्छेद-11 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत अमेरिका को ईरान की प्रतिबंधित या फ्रीज की गई संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करनी होगी। इसके लिए आवश्यक लाइसेंस और कानूनी मंजूरियां भी जारी करनी होंगी, ताकि ईरान अपने धन का उपयोग कर सके।

तेहरान का कहना है कि जब तक इन प्रमुख शर्तों पर वास्तविक प्रगति नहीं होती, तब तक अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता शुरू नहीं की जा सकती।

व्हाइट हाउस ने किया था बैठक का दावा

इससे पहले व्हाइट हाउस की ओर से दावा किया गया था कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर दोहा पहुंचकर ईरानी प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। अमेरिकी प्रशासन का कहना था कि यह पहल हालिया क्षेत्रीय तनाव और बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बाद की जा रही है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक साक्षात्कार में यह भी दावा किया था कि प्रस्तावित बैठक ईरान की ओर से की गई पहल के तहत हो रही है। हालांकि, ईरान के ताजा बयान ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं और दोनों देशों के बीच संभावित संवाद को लेकर नई अनिश्चितता पैदा कर दी है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.