राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव! CEO से पहले पहली बार बने सचिव, जानिए कौन हैं जगदीश आफले और क्यों मिली अहम जिम्मेदारी
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पहली बार सचिव पद का सृजन कर उस पर नियुक्ति कर दी है। ट्रस्ट ने जगदीश आफले को अपना पहला सचिव नियुक्त किया है। उनके नाम को भारतीय स्टेट बैंक में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के रूप में भी मंजूरी दे दी गई है। ट्रस्ट की अगली बैठक में इस नियुक्ति पर औपचारिक मुहर लगाई जाएगी। वहीं, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रवक्ता की नियुक्ति की प्रक्रिया अभी जारी है।
सचिव पद का गठन, ट्रस्ट ने आफले को सौंपी जिम्मेदारी
राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यकारिणी ने पहले ही सीईओ, सचिव और प्रवक्ता के पद सृजित करने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में सबसे पहले सचिव पद पर नियुक्ति की गई है। जगदीश आफले को ट्रस्ट का पहला सचिव बनाया गया है। ट्रस्ट की आगामी बैठक में उनकी नियुक्ति को औपचारिक स्वीकृति दी जाएगी। साथ ही उन्हें ट्रस्ट की ओर से भारतीय स्टेट बैंक में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता भी बनाया गया है।
दान प्रकरण के बाद तेज हुए प्रशासनिक बदलाव
ट्रस्ट में हाल के प्रशासनिक बदलावों की शुरुआत दान से जुड़े विवाद के बाद हुई। पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के पद छोड़ने के बाद बैंक खातों के संचालन को लेकर स्थिति जटिल हो गई थी। अब नए प्रस्ताव के जरिए इस प्रक्रिया को व्यवस्थित किया गया है और खातों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है।
बचपन से संघ से जुड़े, इंजीनियरिंग के बाद विदेशों में किया काम
महाराष्ट्र के पुणे निवासी जगदीश आफले बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। उन्होंने आईआईटी मुंबई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य किया और यूरोप के कई देशों के साथ अमेरिका में भी सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद वह भारत लौटे और राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू होने पर बिना वेतन परियोजना प्रबंधक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। तब से वह अयोध्या में रहकर मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े हुए हैं।
सीईओ पद के लिए आए 5200 आवेदन
ट्रस्ट के अनुसार मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति के लिए करीब 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों की जांच और चयन प्रक्रिया सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली समिति कर रही है। प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने की संभावना को देखते हुए सचिव पद पर पहले नियुक्ति का फैसला लिया गया।
बैंक खातों के संचालन में भी खत्म हुआ गतिरोध
पूर्व पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद बैंक खातों के संचालन में तकनीकी अड़चन आ गई थी। शुरुआती स्तर पर ट्रस्ट डीड के प्रावधानों के कारण कुछ कानूनी आपत्तियां सामने आई थीं। इसके बाद ट्रस्ट ने नया प्रस्ताव पारित कर जगदीश आफले को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनाने का निर्णय लिया, जिसे बैंक ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही खातों का नियमित संचालन दोबारा शुरू हो गया।
वेतन और भुगतान पर भी पड़ा था असर
खाता संचालन में आई रुकावट का असर ट्रस्ट के वित्तीय कामकाज पर भी पड़ा था। लगभग एक हजार कर्मचारियों का जून महीने का वेतन समय पर जारी नहीं हो सका था। इसके अलावा विभिन्न आउटसोर्सिंग एजेंसियों के भुगतान भी प्रभावित हुए थे। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद वित्तीय कार्यों के सामान्य होने की उम्मीद है।