NCR में पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों पर बड़ी कार्रवाई! 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन होंगे जब्त, जानें स्क्रैप कराने पर क्या मिलेगा
गौतमबुद्धनगर: दिल्ली-एनसीआर में तय उम्र पूरी कर चुके प्रदूषणकारी वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने की जानकारी दी है। एनजीटी, सुप्रीम कोर्ट और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के तहत 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लागू है। ऐसे वाहनों को अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) पर वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैप कराना होगा।
परिवहन विभाग के मुताबिक यह कार्रवाई केवल सड़कों पर चलने वाले वाहनों तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक स्थल या साझा पार्किंग में खड़े जीवन-काल पूरा कर चुके वाहनों को भी संबंधित प्रवर्तन एजेंसी जब्त कर सकती है।
बीएस-4 और उससे ऊपर के वाहनों को लेकर क्या है नियम
परिवहन विभाग के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2025 के आदेश में स्पष्ट किया था कि आयु आधारित संरक्षण बीएस-4 और उससे उच्च उत्सर्जन मानक वाले वाहनों पर लागू रहेगा। वहीं बीएस-3 या उससे पुराने उत्सर्जन मानक वाले वाहन यदि डीजल में 10 साल से अधिक या पेट्रोल और सीएनजी में 15 साल से अधिक पुराने हैं, तो उनके खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की जा सकती है।
ऐसे वाहनों को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में चलाने की अनुमति नहीं होगी। एनसीआर में पंजीकृत संबंधित वाहनों को वाहन पोर्टल पर सूचीबद्ध अधिकृत आरवीएसएफ में स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा। ऐसे वाहनों के दूसरे जनपद में स्वामित्व अंतरण के लिए एनओसी भी जारी नहीं की जाएगी।
एनसीआर से बाहर पंजीकृत पुराने वाहन पर 5 हजार का जुर्माना
यदि कोई वाहन एनसीआर में पंजीकृत नहीं है, लेकिन डीजल में 10 साल से अधिक या पेट्रोल अथवा सीएनजी में 15 साल से अधिक पुराना है और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पाया जाता है, तो उस पर 5,000 रुपये का चालान या दंड लगाया जाएगा।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थल या साझा पार्किंग में खड़े ऐसे वाहन भी जब्ती के दायरे में आएंगे।
गौतमबुद्धनगर में इन वाहन श्रृंखलाओं पर हुई कार्रवाई
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन नन्द कुमार के मुताबिक गौतमबुद्धनगर में तय मापदंड के तहत कई वाहन श्रृंखलाओं के विरुद्ध विपंजीकरण की कार्रवाई की गई है।
10 साल पुराने डीजल वाहनों की श्रृंखलाएं: UP16, UP16A, UP16B, UP16C, UP16D, UP16E, F, G, H, J, K, L, M, N, P, Q, R, S, T, U, V, W, X, Y, Z, AA, AB, AC, AD, AE, AF, AH, AJ, AK, AL, AM, AN, AP, AQ, AR, AS, AT, AU, AV, AW, AX, AY, AZ, UP16BA, BB, BC, BD, BE, BF, BH, AT, BT, CT, DT
15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों की श्रृंखलाएं: UP16, UP16A, UP16B, UP16C, UP16D, UP16E, F, H, J, K, L, M, N, P, Q, R, S, T, U, V, W, X, Y, Z, UP16AA, UP16AB, UP16AC, UP16AD, UP16AE, UP16AF, UP16AT
खुद स्क्रैप कराने पर मिलेगा बाजार दर के अनुसार मूल्य
परिवहन विभाग के अनुसार वाहन स्वामी यदि स्वयं अधिकृत आरवीएसएफ केंद्र पर जाकर वाहन स्क्रैप कराता है तो उसे प्रचलित बाजार दर के अनुसार मूल्य मिलेगा। अधिकृत स्क्रैपर के माध्यम से स्वैच्छिक जमा की प्रक्रिया पूरी होने पर वाहन स्वामी को जमा प्रमाण-पत्र यानी सीओडी जारी किया जाएगा।
सीओडी के आधार पर नए खरीदे गए वाहन के पंजीकरण शुल्क में छूट मिल सकती है। निजी वाहन की स्थिति में मोटर वाहन कर में 15 प्रतिशत की छूट और नए वाणिज्यिक वाहन पर आठ वर्षों तक मोटर वाहन कर में 10 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी।
जब्ती के बाद स्क्रैप कराने पर नहीं मिलेगा प्रोत्साहन
यदि वाहन प्रवर्तन अभियान के दौरान जब्त होता है और प्रवर्तन एजेंसी उसे आरवीएसएफ को सौंपती है, तो ऐसे वाहन के सीओडी पर प्रोत्साहन उपलब्ध नहीं होगा। यह सीओडी इलेक्ट्रॉनिक रूप से व्यापार योग्य भी नहीं होगा।
इस स्थिति में वाहन स्वामी को इस्पात मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार निर्धारित न्यूनतम आरक्षित मूल्य के आधार पर राशि मिलेगी। इसके तहत जीवन-काल पूरा कर चुके वाहन के कर्ब वेट का 65 प्रतिशत लौह स्क्रैप घटक माना जाएगा और आरक्षित मूल्य उस लौह स्क्रैप घटक के उचित मूल्य का 90 प्रतिशत होगा।
टोइंग और पार्किंग का खर्च भी कटेगा
जब्त वाहन की स्थिति में मिलने वाली राशि में से परिवहन आयुक्त कार्यालय, उत्तर प्रदेश की 5 सितंबर 2026 की मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार टोइंग और पार्किंग शुल्क काटे जाएंगे। ऐसी स्थिति में पंजीकरण शुल्क में छूट और मोटर वाहन कर संबंधी लाभ भी उपलब्ध नहीं होंगे।
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे समय रहते वाहन पोर्टल पर उपलब्ध अधिकृत आरवीएसएफ केंद्रों की सूची देखें और स्वेच्छा से अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप कराएं। विभाग के मुताबिक समय रहते स्वैच्छिक स्क्रैपिंग कराने से निर्धारित बाजार मूल्य और प्रोत्साहनों का लाभ लिया जा सकता है।