UP इंटरनेशनल ट्रेड शो में छाया महिलाओं के हुनर का जलवा! शौक को कारोबार में बदला, खुद ब्रांडिंग-बिक्री संभाली; दूसरी महिलाओं को भी दिया रोजगार
ग्रेटर नोएडा: कभी शौक के तौर पर शुरू किया गया काम आज कारोबार का रूप ले चुका है। किसी ने चित्रकारी को कपड़ों पर उतारकर अपना उद्यम खड़ा किया तो किसी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने साथ दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंची महिला उद्यमियों की कहानियां महिला सशक्तीकरण की नई तस्वीर पेश कर रही हैं। महिलाएं अब सिर्फ उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी ब्रांडिंग, बिक्री और बाजार विस्तार की जिम्मेदारी भी खुद संभाल रही हैं। उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिल रहा है।
मेरठ के कंकरखेड़ा से आईं हरप्रीत कौर अपनी फर्म सॉल फॉर अर्थ के जरिए पीतल से बनी विभिन्न कलाकृतियां और ट्रॉफी लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कहना है कि योगी सरकार ने महिलाओं को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। उनके मुताबिक उनके उत्पाद अब दूसरे देशों के बाजारों तक भी पहुंच रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश सरकार की नीतियों से मिले अवसरों से संभव हुआ विस्तार बताया।
शौक को बनाया कारोबार, सात महिलाओं को दिया रोजगार
गाजियाबाद के बजरिया से आईं अंजली अंजली क्रिएशन के जरिए कपड़ों पर की गई चित्रकारी के उत्पाद लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। चित्रकारी के शौक को उन्होंने कारोबार में बदल दिया। जिला ग्रामोद्योग विकास से ऋण लेकर उन्होंने सादे कपड़ों पर चित्रकारी का काम शुरू किया।
आज उनके तैयार किए गए सूट, दुपट्टे, जींस और ट्राउजर 10 हजार रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। अंजली के मुताबिक कारोबार बढ़ने के साथ वह सात अन्य महिलाओं को नियमित रोजगार भी दे रही हैं।
गाजियाबाद के वसुंधरा से आईं प्रतिभा त्यागी प्रतिभा डिजाइनर हब के जरिए हैंडमेड सूट, दुपट्टे, लहंगे और जूट से बने अलग-अलग तरह के बैग लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कारोबार हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर केंद्रित है। ट्रेड शो में उन्हें नए ग्राहकों से जुड़ने और अपने बाजार का विस्तार करने का अवसर मिल रहा है।
स्वयं सहायता समूहों ने बदली महिलाओं की आर्थिक तस्वीर
बुलंदशहर के नंगला गोविंदपुर की सितारा बेडशीट लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। वह आजीविका स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं, जिससे 13 महिलाएं जुड़ी हैं। सितारा के मुताबिक समूह की महिलाएं योगी सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
उनके लिए स्वयं सहायता समूह सिर्फ उत्पाद तैयार करने का माध्यम नहीं है, बल्कि महिलाओं को आय का स्थायी जरिया उपलब्ध कराने का मंच भी बन रहा है।
सहारनपुर के नांगल क्षेत्र से आईं सुधा सैनी विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के साथ ट्रेड शो में हिस्सा ले रही हैं। वह चलोरी स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं और लगातार चौथी बार नोएडा में आयोजित ट्रेड शो में शामिल हुई हैं।
सुधा के मुताबिक इस मंच ने उनके उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर निकालकर व्यापक और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उत्पाद से लेकर बाजार तक महिलाओं ने संभाली कमान
महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की इन कहानियों में बदलाव का एक साझा पहलू दिखाई देता है। महिलाएं अब केवल उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कारोबार चला रही हैं, नए बाजार तलाश रही हैं और दूसरी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार कर रही हैं।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उनके लिए सिर्फ बिक्री का मंच नहीं, बल्कि अपने उत्पादों को देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंचाने और नए बाजारों से जुड़ने का अवसर भी बन रहा है। प्रदेश सरकार की योजनाओं और ऐसे बाजार उपलब्ध कराने वाले मंचों के जरिए महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का दायरा बढ़ रहा है।