दिल्ली होटल अग्निकांड में चमत्कारिक बचाव: नाइजीरियाई दंपति ने सूझबूझ से दी मौत को मात, वीडियो से सीखी तकनीक आई काम

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नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश स्टे में हुए भीषण अग्निकांड के बीच एक नाइजीरियाई दंपति ने अद्भुत सूझबूझ और सतर्कता का परिचय देते हुए अपनी जान बचा ली। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल हुए। वहीं, विदेशी दंपति ने आग से बचाव संबंधी जानकारी का सही समय पर इस्तेमाल कर खुद को सुरक्षित बाहर निकलने में सफलता हासिल की।

पुलिस को दिए बयान में दंपति ने बताया कि आग लगने के बाद उन्होंने घबराने के बजाय बाथरूम में शरण ली। दोनों को पहले से यह जानकारी थी कि आग लगने की स्थिति में धुआं ऊपर की ओर जमा होता है और उससे बचने के लिए जमीन के करीब रहना ज्यादा सुरक्षित होता है।

बाथरूम में छिपकर बचाई जान

जानकारी के मुताबिक, दंपति ने बाथरूम में जाकर शॉवर चालू कर दिया और फर्श पर तौलिए बिछाकर नीचे लेट गए। लगातार बहते पानी और जमीन के करीब रहने से वे जहरीले धुएं के प्रभाव से बचे रहे। उन्होंने वहीं रहकर राहत और बचाव दल के पहुंचने का इंतजार किया। बाद में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग से बचाव के तरीकों पर आधारित वीडियो से मिली जानकारी ने इस दंपति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना के बाद दोनों ने पूरी जानकारी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई है।

धुएं ने ली सबसे ज्यादा जान

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे में अधिकांश लोगों की मौत आग की लपटों से नहीं, बल्कि जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से हुई। जांच अधिकारियों के अनुसार, होटल भवन में पर्याप्त वेंटिलेशन और प्रभावी आपातकालीन निकास व्यवस्था नहीं होने के कारण धुआं तेजी से पूरे परिसर में फैल गया।

पुलिस ने बताया कि विदेशी नागरिकों के बयान दर्ज करने के लिए अनुवादकों की मदद ली जा रही है। साथ ही संबंधित देशों के दूतावासों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कई विदेशी नागरिक इलाज के सिलसिले में भारत आए थे या मरीजों के साथ होटल में ठहरे हुए थे।

अस्पतालों में चल रहा घायलों का इलाज

हादसे में घायल हुए लोगों का इलाज अभी भी विभिन्न अस्पतालों में जारी है। कुल 17 मरीज अस्पतालों में भर्ती बताए गए हैं। इनमें से 15 मरीज एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 13 विदेशी नागरिक शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल छह मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं, जबकि अन्य मरीज आईसीयू और वार्ड में चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

इसके अलावा दो अन्य मरीज अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

21 में से 19 शवों का पोस्टमॉर्टम पूरा

अग्निकांड में जान गंवाने वालों के शवों का पोस्टमॉर्टम भी जारी है। अब तक 21 में से 19 शवों का पोस्टमॉर्टम पूरा किया जा चुका है। शेष दो शवों को मॉर्चरी में रखा गया है। इनमें से एक की पहचान हो चुकी है और परिजनों के पहुंचने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हादसे की जांच कई स्तरों पर जारी है और सुरक्षा मानकों, भवन संरचना तथा अग्निशमन व्यवस्थाओं को लेकर भी गहन पड़ताल की जा रही है।

 

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