2029 तक लागू होगा ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’? 99% सुझाव पक्ष में, सरकार ने तेज की तैयारी

0 18

नई दिल्ली: देश में ‘एक देश-एक चुनाव’ व्यवस्था को लागू करने की दिशा में गतिविधियां तेज हो गई हैं। संसद की संयुक्त समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने गोवा में बड़ा दावा करते हुए कहा कि अब तक प्राप्त सुझावों में करीब 99 प्रतिशत लोगों और संस्थाओं ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। समिति फिलहाल एक साथ चुनाव कराने से जुड़े विधेयकों की समीक्षा कर रही है। उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे वर्ष 2029 के आम चुनाव तक ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ को लागू किया जा सके।

पीपी चौधरी ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से देश की अर्थव्यवस्था पर अनुमानित सात लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ता है। प्रस्ताव का मकसद इस आर्थिक नुकसान को कम करना और चुनावी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

कई राज्यों से लिए गए सुझाव, सभी दलों की सहमति पर जोर

संयुक्त समिति के अध्यक्ष ने बताया कि गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों का दौरा पूरा किया जा चुका है। इस दौरान संविधान विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, नागरिक संस्थाओं और अन्य संबंधित पक्षों से विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों ने एक साथ चुनाव कराने के विचार का समर्थन किया है। समिति अब ऐसा व्यावहारिक मॉडल तैयार करने पर विचार कर रही है, जिसे सभी राजनीतिक दल स्वीकार कर सकें। समय-सीमा को लेकर उन्होंने कहा कि समिति विभिन्न विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है।

‘देश के लिए गेम चेंजर होगी नई व्यवस्था’

भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर ने ‘एक देश-एक चुनाव’ को देश के लिए गेम चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से शासन प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बार-बार चुनाव कराने में लगने वाले समय तथा संसाधनों की बचत होगी। उनका कहना था कि इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह ‘एक राष्ट्र-एक कर’ व्यवस्था से देश को व्यापक लाभ मिला, उसी तरह एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था भी दूरगामी परिणाम दे सकती है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि लगातार होने वाले चुनावों का असर राज्यों के राजस्व, सरकारी कामकाज, न्यायिक व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ता है। ऐसे में एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था इन क्षेत्रों में भी स्थिरता लाने में सहायक हो सकती है।

संविधान संशोधन विधेयक पर शुरू हुई विस्तृत चर्चा

गोवा में संयुक्त समिति ने संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 पर भी चर्चा शुरू की। इस दौरान मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ बैठक कर एक साथ चुनाव कराने में आने वाली संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।

पीपी चौधरी ने बताया कि बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि ‘एक देश-एक चुनाव’ व्यवस्था को प्रभावी ढंग से कैसे लागू किया जाए, किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और ऐसा संतुलित समाधान कैसे तैयार किया जाए जिसे सभी पक्ष स्वीकार कर सकें।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.