गौतमबुद्धनगर में पोषण योजनाओं की समीक्षा, कुपोषित बच्चों की शत-प्रतिशत पहचान और इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश

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गौतमबुद्धनगर: मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पोषण योजनाओं और बाल विकास कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

गंभीर कुपोषित बच्चों की शत-प्रतिशत पहचान के निर्देश

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने संभव 6.0 अभियान के तहत जनपद की रिपोर्ट और रैंकिंग की जानकारी मुख्य विकास अधिकारी को दी। इस पर उन्होंने संभव 6.0 और ई-कवच पर गंभीर कुपोषित तथा मध्यम कुपोषित बच्चों का शत-प्रतिशत चिन्हांकन कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने पोषण ट्रैकर और ई-कवच पोर्टल पर बच्चों की समय से प्रविष्टि कराने के साथ एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से उनका चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा।

पोषण पुनर्वास केंद्र में खाली बेड न रहने के निर्देश

बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र में संदर्भन के तहत केवल 18 बच्चों के भेजे जाने और बिस्तरों के कम उपयोग की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पोषण पुनर्वास केंद्र में किसी भी स्थिति में कोई बिस्तर खाली न रहे।

उन्होंने गंभीर कुपोषित बच्चों को लगातार पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने के साथ 0 से 6 माह के कुपोषित शिशुओं और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।

राशन वितरण में लापरवाही पर जताई नाराजगी

टेक-होम राशन और फेस रिकग्निशन सिस्टम की समीक्षा के दौरान जनपद में फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से राशन वितरण का औसत 74.43 प्रतिशत पाया गया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताई।

उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्देश दिए कि टेक-होम राशन प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर उसका शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वंचित गर्भवती और धात्री महिलाओं तक राशन पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए।

1108 आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्म भोजन की तैयारी

हॉट-कुक्ड मील योजना के तहत जनपद के 1,108 आंगनबाड़ी केंद्रों में पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराने की योजना पर भी चर्चा हुई। इनमें 924 सह-स्थित और 184 गैर-सह-स्थित केंद्र शामिल हैं।

शासन की मंशा के अनुरूप इन केंद्रों पर अक्षय पात्र फाउंडेशन अथवा अन्य पात्र स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए।

बुनियादी सुविधाओं से वंचित आंगनबाड़ी केंद्रों पर तेजी के निर्देश

सक्षम आंगनबाड़ी योजना की समीक्षा के दौरान सामने आया कि 134 केंद्र बिजली कनेक्शन से, 193 केंद्र पाइप से पेयजल सुविधा से और 33 केंद्र क्रियाशील शौचालय से वंचित हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने इन सभी केंद्रों पर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को 83 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में बाला चित्रांकन, पोषण वाटिका और वर्षा जल संचयन से जुड़े कार्य भी जल्द पूरा कराने को कहा गया।

जेवर और दनकौर में मातृ वंदना योजना के पंजीकरण में तेजी के निर्देश

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान जेवर में 34.55 प्रतिशत और दनकौर में 46.82 प्रतिशत पंजीकरण की स्थिति सामने आई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पंजीकरण की गति बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय से मिल सके।

रॉकेट लर्निंग संस्था की ओर से जनपद में अभिभावक-आंगनबाड़ी बैठक के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और पर्यवेक्षकों की कम सक्रियता पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने दैनिक गतिविधियों और प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से पूरा कराने के निर्देश दिए।

 

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