गौतमबुद्धनगर में ‘सम्भव अभियान-6.0’ की शुरुआत, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण पर रहेगा विशेष फोकस
गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मातृ एवं बाल पोषण को प्राथमिकता देते हुए जुलाई 2026 से सितंबर 2026 तक जनपद में ‘सम्भव अभियान-6.0’ चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बाल विकास परियोजना केंद्र बिसरख के अंतर्गत ग्राम तिलपत और गेझा में कार्यक्रम आयोजित कर गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, नवजात शिशुओं तथा बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।
कुपोषण रोकने और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य पर विशेष जोर
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, नवजात शिशुओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार करना है। इसके तहत कुपोषण की रोकथाम, गंभीर कुपोषण (एसएएम) और मध्यम कुपोषण (एमएएम) से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के साथ कम वजन वाले नवजात शिशुओं के प्रभावी प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
तीन विभागों के समन्वय से चलाया जा रहा अभियान
उन्होंने बताया कि अभियान का संचालन बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा पंचायती राज विभाग के संयुक्त समन्वय से किया जा रहा है, ताकि पात्र लाभार्थियों तक सभी आवश्यक सेवाएं समयबद्ध तरीके से पहुंचाई जा सकें।
गर्भवती महिलाओं को मिल रही पोषण संबंधी सलाह और टीएचआर
अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), उचित पोषण संबंधी परामर्श और टेक होम राशन (टीएचआर) का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। वहीं, धात्री महिलाओं को भी आवश्यक पोषण संबंधी जानकारी और टेक होम राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
शिशुओं के पोषण और डिजिटल मॉनिटरिंग पर भी फोकस
0 से 6 माह तक के शिशुओं को कुपोषण से बचाने के लिए माताओं को सुपोषण संबंधी परामर्श दिया जा रहा है। अभियान की प्रगति की नियमित निगरानी ‘पोषण ट्रैकर’ और ‘ई-कवच’ पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे लाभार्थियों तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित हो सके।
समयबद्ध और प्रभावी संचालन के दिए गए निर्देश
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जनपद और ब्लॉक स्तर पर सभी संबंधित विभागों को अभियान का संचालन पूरी समयबद्धता और संवेदनशीलता के साथ करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।