मंगेतर की हत्या का सनसनीखेज खुलासा: ‘बदनामी’ के डर से नहीं तोड़ी सगाई, प्रेमी संग रची केतन को रास्ते से हटाने की साजिश!

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पुणे: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच के दौरान लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी चेतन चौधरी ने कथित तौर पर जो जानकारी दी है, उसने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से सगाई तोड़कर प्रेमी चेतन चौधरी के साथ भागने के लिए तैयार नहीं थी, क्योंकि उसे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और बदनामी का डर था। इसी वजह से कथित तौर पर दोनों ने ऐसा रास्ता चुना, जिसने एक युवक की जान ले ली।

सिया और केतन की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी और नवंबर में उदयपुर में दोनों की भव्य शादी प्रस्तावित थी। शादी की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही थीं। बताया जा रहा है कि समारोह के लिए एक महल बुक किया गया था और मेहमानों के आवागमन के लिए निजी विमानों की भी व्यवस्था की गई थी। लेकिन शादी से पहले ही पूरा मामला हत्या की साजिश में बदल गया।

पहले हादसा माना गया, फिर खुली साजिश की परतें

18 जून को लोहगढ़ किले के पास ट्रेकिंग के दौरान 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में इसे दुर्घटना माना गया। सिया गोयल ने पुलिस को बताया था कि फोटो खिंचवाने के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में जा गिरे।

घटना के बाद करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में शव बरामद किया गया था। सिया के बयान के आधार पर शुरुआत में दुर्घटना का मामला दर्ज किया गया, लेकिन बाद में जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।

प्रेम संबंधों का पता चलते ही बदला जांच का रुख

पुलिस को मौत की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि सिया गोयल का पुणे निवासी चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस के अनुसार, सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और उसे अपने रिश्ते में बाधा मानती थी।

इसी आधार पर जांच आगे बढ़ी और पुलिस को कथित साजिश के कई अहम सुराग मिले। अधिकारियों का दावा है कि दोनों आरोपियों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।

ट्रेकिंग के बहाने ले जाया गया किले पर

जांच एजेंसियों के मुताबिक, योजना के तहत सिया केतन को घूमने और जन्मदिन मनाने के बहाने लोहगढ़ किले तक ले गई। बाद में चेतन को भी वहां बुलाया गया। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

मामले में एक सीसीटीवी फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा बना, जिसमें तेज गर्मी के बावजूद हुडी पहने एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस चेतन चौधरी तक पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

‘परिवार की बदनामी’ बना हत्या की साजिश का कथित कारण

पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान चेतन से सवाल किया गया कि यदि दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे तो सिया ने सगाई तोड़कर उसके साथ जाने का रास्ता क्यों नहीं चुना। इस पर चेतन ने कथित तौर पर कहा कि सिया परिवार की बदनामी नहीं चाहती थी और इसी कारण वह न तो सगाई तोड़ना चाहती थी और न ही घर छोड़कर भागना।

बताया जा रहा है कि इसी सोच ने कथित तौर पर हत्या की साजिश को जन्म दिया। फिलहाल दोनों आरोपियों को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है और मामले की जांच जारी है।

चेतन के पिता ने बेटे को बताया बेगुनाह

दूसरी ओर, चेतन चौधरी के पिता बाबूलाल चौधरी ने बेटे के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि चेतन इस घटना में शामिल नहीं है और उसे फंसाया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि घटना के समय उनका बेटा सिया और केतन से काफी दूरी पर मौजूद था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सिया और चेतन के बीच किसी प्रेम संबंध की जानकारी नहीं थी। परिवार का कहना है कि चेतन निर्दोष है और सच जांच के बाद सामने आएगा।

जांच के केंद्र में कई सवाल

इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब जांच एजेंसियां घटनास्थल से जुड़े सबूतों, डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और आरोपियों के बयानों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि कथित साजिश कब और कैसे तैयार की गई तथा इसमें किन-किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई।

 

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