100 दिन बाद थमा तनाव! अमेरिका-ईरान शांति समझौते का दुनिया ने किया स्वागत, कतर से फ्रांस तक नेताओं ने दी बधाई
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते की घोषणा के बाद दुनिया भर के देशों ने राहत और संतोष जताया है। लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष के बाद सामने आए इस समझौते को कई वैश्विक नेताओं ने बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया है। माना जा रहा है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थिरता बढ़ेगी, व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और क्षेत्रीय आर्थिक दबाव कम होगा।
करीब 100 दिनों से अधिक समय तक चले संघर्ष और संघर्षविराम के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद रहने से क्षेत्र के कई देशों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में इस समझौते को वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कतर ने बताया शांति की दिशा में अहम कदम
कतर ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक पहल करार दिया। कतर के नेतृत्व ने उम्मीद जताई कि भविष्य की वार्ताएं भी रचनात्मक माहौल में आगे बढ़ेंगी और यह समझौता क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थायी शांति और आर्थिक विकास को मजबूती देगा।
तुर्किये ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बताया महत्वपूर्ण
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने इस समझौते की सराहना करते हुए कहा कि यह पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लंबे समय से जिस सकारात्मक पहल का इंतजार किया जा रहा था, वह अब क्षेत्र में स्थायी स्थिरता का मार्ग प्रशस्त करेगी।
साथ ही उन्होंने किसी भी प्रकार के उकसावे से बचने की आवश्यकता पर जोर देते हुए क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही।
ब्रिटेन ने मध्यस्थ देशों को दी बधाई
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने समझौते को संघर्ष समाप्त करने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने उन देशों की भी सराहना की जिन्होंने वार्ता प्रक्रिया को सफल बनाने में भूमिका निभाई।
ब्रिटेन ने समझौते के पूर्ण क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि समुद्री सुरक्षा और तकनीकी सहयोग के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय जारी रहना चाहिए।
जर्मनी ने कहा- वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
जर्मन नेतृत्व ने इस समझौते को महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे न केवल पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति बेहतर होगी, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिल सकती है।
जर्मनी का मानना है कि यह समझौता अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।
फ्रांस ने जल्द लागू करने पर दिया जोर
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने समझौते को शीघ्र लागू किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी शर्त के दोबारा खोला जाना चाहिए ताकि वैश्विक समुद्री यातायात सामान्य हो सके।
फ्रांस ने यह भी कहा कि भविष्य में व्यापक वार्ताओं के जरिए क्षेत्रीय सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी समाधान तलाशा जाना चाहिए।
19 जून को समझौते पर हस्ताक्षर होने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता पूरा हो चुका है और 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
हालांकि खबर लिखे जाने तक ईरान की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।