नोएडा में जाम से मिलेगी राहत, DSC मार्ग और सेक्टर-79 टी-पॉइंट बनेगा ‘मॉडल रोड’; 25 करोड़ से ज्यादा होंगे विकास कार्य

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नोएडा: शहर के प्रमुख संपर्क मार्ग डीएससी मार्ग और सेक्टर-79 टी-पॉइंट से डीएससी मार्ग तक के हिस्से को ‘मॉडल रोड’ के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इन दोनों मार्गों के विकास पर कुल 25 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का प्रस्ताव है। योजना का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के साथ शहर की सुंदरता बढ़ाना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ता है डीएससी मार्ग

डीएससी मार्ग नोएडा का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जो शहर के कई औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है। यह मार्ग एनएसईजेड, फेस-2, सेक्टर-80, सेक्टर-81 और हॉजरी कॉम्प्लेक्स जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी उपलब्ध कराता है।

इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों स्थानीय नागरिकों, कार्यालय कर्मचारियों, औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही होती है। यह क्षेत्र के प्रमुख प्रवेश मार्गों में भी शामिल है।

एलिवेटेड रोड के यातायात से सुबह-शाम बढ़ता है दबाव

सिंचाई नाले से कुलेसरा पुल तक के हिस्से में वर्तमान में यातायात का दबाव काफी अधिक रहता है। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि एलिवेटेड रोड से आने वाले भारी यातायात के कारण सुबह और शाम के समय यहां जाम की स्थिति बन जाती है। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इसी समस्या को देखते हुए पूरे मार्ग को मॉडल रोड के तौर पर विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इसके साथ ही सेक्टर-79 टी-पॉइंट से डीएससी मार्ग तक के हिस्से को भी इसी तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव है।

सिंचाई नाले से कुलेसरा पुल तक 14.96 करोड़ का प्रस्ताव

सिंचाई नाले से कुलेसरा पुल तक के मार्ग को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने के लिए 1,496.56 लाख रुपये की प्रस्तावित लागत तय की गई है। वहीं, सेक्टर-79 टी-पॉइंट से डीएससी मार्ग तक के हिस्से के विकास पर 1,057.14 लाख रुपये खर्च होने का प्रस्ताव है।

दोनों परियोजनाओं की कुल प्रस्तावित लागत 2,553.70 लाख रुपये यानी करीब 25.54 करोड़ रुपये है।

सैद्धांतिक मंजूरी के लिए भेजे गए प्रस्ताव

परियोजना से जुड़े प्रस्ताव कंसलटेंट की ओर से भेजे जा चुके हैं। इन्हें सैद्धांतिक स्वीकृति के लिए सक्षम स्तर पर भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद दोनों कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।

छह महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य

प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद दोनों मॉडल रोड से जुड़े कार्यों को आगामी छह महीने में पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। योजना पूरी होने के बाद इन मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, जाम की समस्या कम करने और शहर की सुंदरता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

 

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