UPI पेमेंट का नया रिकॉर्ड! अक्टूबर में हर दिन 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन, महीनेभर में आंकड़ा 31.53 लाख करोड़ पार
अक्टूबर में रोजाना 82 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन
अक्टूबर के दौरान UPI के जरिए कुल 25.67 अरब यानी करीब 2,567 करोड़ लेन-देन हुए। इस हिसाब से हर दिन औसतन लगभग 82.1 करोड़ ट्रांजैक्शन किए गए। इनकी औसत दैनिक वैल्यू 1,01,707 करोड़ रुपये रही।
सितंबर 2026 की तुलना में भी अक्टूबर में डिजिटल भुगतान बढ़ा। सितंबर में UPI के जरिए कुल 29.37 लाख करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था। उस महीने रोजाना औसतन 80.2 करोड़ ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए थे, जिनकी औसत वैल्यू 97,913 करोड़ रुपये थी। इस तरह अक्टूबर में लेन-देन की संख्या और कुल रकम, दोनों में बढ़ोतरी हुई।
सालाना आधार पर भी बढ़ा डिजिटल भुगतान
पिछले साल के अक्टूबर महीने से तुलना करें तो UPI के इस्तेमाल में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर करीब 23 प्रतिशत बढ़ी। वहीं, कुल लेन-देन की वैल्यू में लगभग 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
इससे पहले मासिक लेन-देन की कुल वैल्यू का रिकॉर्ड मई 2026 में बना था। उस दौरान UPI के जरिए 29.90 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। वहीं, ट्रांजैक्शन की संख्या के मामले में अगस्त 2026 में 2,451 करोड़ का पिछला रिकॉर्ड दर्ज किया गया था।
त्योहारी खरीदारी से बढ़ा UPI का इस्तेमाल
अक्टूबर में डिजिटल भुगतान के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के पीछे त्योहारी सीजन की भी अहम भूमिका मानी जा रही है। नवरात्रि, दुर्गा पूजा और ऑनलाइन खरीदारी के लिए आयोजित फेस्टिव सेल के दौरान लोगों ने बड़ी संख्या में खरीदारी की।
कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, खानपान और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने के लिए ग्राहकों ने UPI से भुगतान किया। दुकानों से लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक डिजिटल पेमेंट की सुविधा ने लेन-देन को आसान बनाया।
UPI पर MDR चार्ज को लेकर भी चर्चा
UPI के रिकॉर्ड लेन-देन के बीच मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) यानी व्यापारी से लिया जाने वाला भुगतान शुल्क भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सितंबर में 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR तय किया गया था।
हालांकि, त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया गया है। ऐसे में डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के साथ MDR शुल्क को लेकर आगे होने वाले फैसलों पर भी कारोबारियों और व्यापार जगत की नजर रहेगी।