यूपी विधानसभा में ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारों से हंगामा, स्पीकर सतीश महाना का सख्त रुख; सपा विधायक सचिन यादव पूरे सत्र से निष्कासित
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सरकार के खिलाफ ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सख्त रुख अपनाते हुए सपा विधायक सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया।
‘चंदा दिया है तो रसीद दिखाइए’— स्पीकर का जवाब
सदन में मंदिर के चंदे को लेकर नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि किसी विधायक ने चंदा दिया है तो उसकी रसीद सदन में पेश करें। उन्होंने कहा कि तभी पता चलेगा कि किसका पैसा कथित तौर पर चोरी हुआ है।
अनिल प्रधान की टिप्पणी पर भी दिया जवाब
कार्यवाही के दौरान सपा विधायक अनिल प्रधान की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर ने कहा कि जब मंदिर का निर्माण हुआ था, तब अनिल प्रधान का जन्म भी नहीं हुआ था। इस टिप्पणी के बाद सदन में शोर-शराबा और बढ़ गया।
नीट पेपर लीक पर भी सत्ता और विपक्ष आमने-सामने
सदन में नीट पेपर लीक का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठा। विपक्ष की ओर से टिप्पणी की गई कि पेपर भाजपा कार्यालय में मिलेगा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने जवाब देते हुए कहा कि समय आने पर सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा और संबंधित स्थान पर ही उसका जवाब मिलेगा।
मुख्यमंत्री की तस्वीर लहराने पर हुई कार्रवाई
हंगामे के दौरान सपा विधायक सचिन यादव अपनी सीट पर खड़े होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लहराने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने इसे सदन की कार्यवाही और नियमों का उल्लंघन माना। इसके बाद उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए विधानसभा से निष्कासित करने की घोषणा कर दी।
सदन में बढ़ा राजनीतिक तनाव
स्पीकर के फैसले के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव और बढ़ गया। विपक्ष ने कार्रवाई पर आपत्ति जताई, जबकि सत्ता पक्ष ने विधानसभा की गरिमा बनाए रखने के लिए अध्यक्ष के फैसले का समर्थन किया।