गौतमबुद्धनगर: विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 5 नवंबर को कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों के नए निर्धारण, चुनाव प्रचार सामग्री की प्रस्तावित दरों और मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से मतदाता सूची को दुरुस्त करने के अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील भी की।
जिले में बनाए गए 766 मतदान केंद्र और 1,926 मतदेय स्थल
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में बताया कि मतदेय स्थलों के निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने जिले की सूची को मंजूरी दे दी है। अनुमोदित सूची के अनुसार गौतमबुद्धनगर में कुल 766 मतदान केंद्र और 1,926 मतदेय स्थल निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नए निर्धारण के दौरान 32 मतदान केंद्र और 12 मतदेय स्थल बढ़ाए गए हैं। वहीं, 9 मतदान केंद्र और 110 मतदेय स्थल कम किए गए हैं। निर्वाचन प्रक्रिया को बेहतर और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह निर्धारण किया गया है।
चुनाव प्रचार सामग्री की दरों पर एक सप्ताह में मांगे सुझाव
बैठक में राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की ओर से चुनाव प्रचार के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली विभिन्न वस्तुओं की दरें तय करने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए वर्ष 2024 में निर्धारित दरों की सूची की प्रति सभी प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे सूची का अध्ययन कर प्रस्तावित दरों पर अपने सुझाव एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराएं। इन सुझावों के आधार पर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार सामग्री और अन्य मदों की दरें नियमानुसार तथा पारदर्शी तरीके से निर्धारित की जाएंगी।
1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि पर होगा मतदाता सूची का पुनरीक्षण
जिलाधिकारी ने बताया कि 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विधानसभा निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने और पहले से दर्ज विवरण में जरूरी संशोधन कराने के लिए जागरूक किया जाएगा।
इस अभियान में आरडब्ल्यूए, एमएसएमई, व्यापार और निर्यात संगठनों, बार एसोसिएशन, मीडिया क्लब, प्रिंट, डिजिटल और सोशल मीडिया संस्थानों, सामुदायिक संगठनों, आईएमए, पेंशनर और वरिष्ठ नागरिक संगठनों से सहयोग लिया जाएगा।
इसके अलावा उद्यमियों, श्रमिक संगठनों, युवा संगठनों, कॉलेजों, एनएसएस, एनसीसी, सिविल डिफेंस, स्काउट एवं गाइड, रेड क्रॉस और पूर्व सैनिक संगठनों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। इन संगठनों के माध्यम से पात्र मतदाताओं तक जानकारी पहुंचाकर उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बीएलए की नियुक्ति कर बीएलओ को सहयोग देने की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को पूरा सहयोग देने की अपील की।
उन्होंने बताया कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट न जाए। अधिकारियों की ओर से पात्र लोगों को जागरूक करने के साथ नए मतदाताओं के पंजीकरण और सूची में जरूरी बदलाव की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी।
नए मतदाता के लिए फॉर्म-6, संशोधन के लिए फॉर्म-8 की सुविधा
बैठक में मतदाता सूची से जुड़े अलग-अलग आवेदन पत्रों की जानकारी भी दी गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नए मतदाता का नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भरा जा सकता है। विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6ए की सुविधा है।
इसी तरह मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 और नाम, पते या अन्य विवरण में संशोधन तथा जरूरी बदलाव कराने के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पक्षों से पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करने की अपील की, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपना नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज कराने से वंचित न रहे।
बैठक में निर्वाचन अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी दी तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सुझाव भी प्राप्त किए। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार सिंह, प्रभारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार, संबंधित अधिकारी और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।