ऑफिस से लौटने के बाद बैग को कहीं भी रख देना आम बात है। कई लोग इसे सीधे जमीन पर रख देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र की मान्यताओं में इस आदत को शुभ नहीं माना गया है। काम से जुड़ा बैग केवल जरूरी सामान रखने की जगह नहीं माना जाता, बल्कि इसे आय, करियर और समृद्धि से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि बैग को जमीन पर रखने से आर्थिक मामलों में रुकावट और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। ऐसे में बैग रखने के वास्तु से जुड़े कुछ नियमों के बारे में जानना जरूरी है।
ऑफिस बैग को जमीन पर रखने से क्यों बचें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली हर वस्तु अपने साथ एक विशेष ऊर्जा रखती है। ऑफिस बैग भी इसी श्रेणी में माना जाता है। इसमें लैपटॉप, जरूरी दस्तावेज, डायरी, पर्स और काम से जुड़ी दूसरी चीजें रखी जाती हैं। इसी वजह से इसे धन और कार्यक्षेत्र से संबंधित प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। इसलिए बैग को सीधे फर्श पर रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
बैग को ऊंचे और साफ स्थान पर रखें
वास्तु के अनुसार ऑफिस बैग को जमीन के बजाय टेबल, शेल्फ या किसी अन्य साफ और ऊंचे स्थान पर रखना बेहतर माना जाता है। मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आर्थिक मामलों में आने वाली रुकावटों से बचने में मदद मिल सकती है।
फिजूलखर्ची से भी जोड़ा जाता है यह नियम
वास्तु मान्यताओं में काम से जुड़ी वस्तुओं के प्रति सम्मान को भी महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसी मान्यता है कि यदि व्यक्ति अपने काम से संबंधित चीजों को व्यवस्थित और सम्मानपूर्वक नहीं रखता, तो इसका असर उसकी आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। बैग को जमीन पर रखने की आदत को धन की बचत में परेशानी और मेहनत के अनुरूप लाभ मिलने में बाधा से भी जोड़कर देखा जाता है।
करियर की तरक्की से भी जुड़ा है बैग रखने का तरीका
भारतीय परंपरा में ऊंचाई को उन्नति और सफलता का प्रतीक माना गया है। इसी आधार पर ऑफिस बैग को व्यवस्थित तरीके से ऊंची जगह पर रखना शुभ माना जाता है। इसके विपरीत बैग को लगातार जमीन पर रखने की आदत को करियर की गति धीमी होने और कार्यक्षेत्र में चुनौतियां बढ़ने से जोड़ा जाता है।
नकारात्मक ऊर्जा से बचने की मान्यता
वास्तु शास्त्र के अनुसार जमीन पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक माना जाता है। ऐसे में बैग को सीधे फर्श पर रखने से उसके इस ऊर्जा के संपर्क में आने की मान्यता है। कहा जाता है कि इसका प्रभाव कामकाज, आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। हालांकि, ये बातें वास्तु संबंधी धार्मिक एवं पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं।