योगी सरकार का पूर्व अग्निवीरों को बड़ा तोहफा, पुलिस-वन समेत इन विभागों की भर्ती में लिखित और फिजिकल टेस्ट से छूट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में बड़ी राहत का फैसला किया है। अब पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से नहीं गुजरना होगा। उन्हें भर्ती प्रक्रिया में केवल मेडिकल परीक्षण कराना होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से जुड़े नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण और अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट देने का फैसला किया है।
पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण का लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के मुताबिक, पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अभ्यर्थियों को उनकी मूल श्रेणी के अनुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा।
सरकार का कहना है कि सेना में सेवा दे चुके युवाओं को राज्य की सरकारी सेवाओं में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
25 साल की जगह अब 28 साल तक कर सकेंगे आवेदन
कैबिनेट के फैसले के तहत पूर्व अग्निवीरों के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 28 वर्ष कर दी गई है। यानी उन्हें सरकारी भर्ती में आवेदन करने के लिए तीन साल की अतिरिक्त छूट मिलेगी।
सरकार के अनुसार, अग्निवीर योजना के तहत वर्ष 2022 से भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से संबंधित नियमों में बदलाव किया गया है।
लिखित और शारीरिक परीक्षा से मिलेगी राहत
पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में भर्ती के दौरान लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षण की बाध्यता से मुक्त रखा जाएगा। उन्हें केवल मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सरकार का मानना है कि सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन का अनुभव रखने वाले युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में यह छूट देने से उन्हें राज्य की सेवाओं में शामिल होने का बेहतर मौका मिलेगा।
सैन्य अनुभव वाले युवाओं को सरकारी सेवा में मिलेगा मौका
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के अनुसार, सेना में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके पूर्व अग्निवीर युवाओं के अनुभव का उपयोग राज्य की सेवाओं में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं को उत्तर प्रदेश में भी अपनी सेवाएं देने का अवसर मिलेगा और यह फैसला उनके लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।
उत्तर प्रदेश बनेगा वैश्विक श्रमबल का केंद्र
कैबिनेट बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना को भी मंजूरी दी गई है। इस योजना के जरिए उत्तर प्रदेश को कुशल मानव संसाधन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों को शामिल करते हुए नौ जोन में कौशल प्रशिक्षण और रोजगार का एकीकृत तंत्र विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित कर देश और विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।